एंटरटेनमेंट डेस्क. सैफ अली खान के बाद अब गुजरे जमाने की पॉपुलर और खूबसूरत एक्ट्रेस जीनत अमान मौत के मुंह में जाते-जाते बची हैं। हालांकि, जीनत पर किसी ने हमला नहीं किया, बल्कि ब्लड प्रेशर की एक गोली की वजह से उनकी जान पर बन आई थी। 73 साल की जीनत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में आपबीती शेयर की है। उन्होंने बताया है कि कैसे ब्लड प्रेशर की एक गोली की वजह से उनकी जान जाते-जाते बची। उनकी मानें तो उनके साथ यह हादसा 20 जनवरी की रात, तब हुआ, जब वे एक स्टूडियो में शूट करने के बाद घर लौटी थीं।
जीनत अमान ने अपनी पोस्ट में लिखा है, "अंधेरी स्थित एक स्टूडियो में दिनभर के शूट के बाद मैं घर लौटी। लिली बहुत ख़ुश थी। मैंने उसे अटेंशन दिया, जिसकी वो हकदार है। फिर मैंने अपने रात के सारे काम किए और सोने से पहले आखिरी काम था अपनी ब्लड प्रेशर की गोली लेना। मैंने गोली अपने मुंह में रखी और पानी का घूंट लिया। इसके बाद मुझे ऐसा लगा, जैसे मेरी सांस अटक गई। वह छोटी सी गोली मेरे गले में फंस गई थी। यह इतने नीचे थी, जिसे उल्टा नहीं किया जा सकता था और इतने ऊपर थी कि इसे निगला नहीं जा सकता था। मैं अब भी सांस ले सकती थी, लेकिन यह रुक गई थी। मैंने फिर पानी पीया और गिलास खाली होने तक पानी पीती गई। लेकिन गोली अटकी रही।"
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जीनत ने आगे लिखा कि उनके साथ एक कुत्ते और पांच बिल्लियों के अलावा उस वक्त घर में कोई नहीं था। उन्हें घबराहट होने लगी थी। डॉक्टर का नंबर व्यस्त आ रहा था। जीनत लिखती हैं, "मैंने घबराकर अपने बेटे जहान खान को फोन किया। वह अपना पूरा काम छोड़कर तुरंत आ गया। मैंने उसका इंतज़ार किया और मेरी बेचैनी बढ़ती गई। मैं उस दवा के अलावा कुछ और नहीं सोच पा रही थी, जिसने मेरी सांस रोक कर रखी थी। इस कहानी का कोई नाटकीय अंत नहीं था। जहान आया और हम फाइनली डॉक्टर के पास गए, जिन्होंने कहा कि वक्त के साथ गोली घुल जाएगी। मैंने अगले कुछ घंटे गरम पानी पीकर और इंतज़ार कर गुजारे।"
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जीनत ने पोस्ट में लिखा है कि अगली सुबह जब वे उठीं तो वे अपनी उस मुश्किल दौर के बारे में सोचकर कुछ लापरवाह महसूस कर रही थीं। उनके मुताबिक़, जिंदगी में कई बार ऐसे मुश्किल वक्त आते हैं, जब काम कम करने और धैर्य ज्यादा रखने की जरूरत होती है। वे लिखती हैं, "गोली उस सिचुएशन का एक रूपक है।मैं बस यह सोच सकती थी कि बेचैनी बहुत ज्यादा थी। मैंने दूसरों से मदद मांगी, लेकिन आखिर में बस इतना ही कर सकी कि मैंने धैर्य रखा और अपने डर पर कंट्रोल किया। फिर यह (गोली) घुल गई। यह मेरे लिए अच्छा था।"
जीनत ने अपने फैन्स को सलाह देते हुए अंत में लिखा, "कभी-कभी किसी मुद्दे से सीधे निपटना जरूरी होता है। उसका सामना करना, चुनौती देना, बदलना। लेकिन कभी-कभी परिस्थिति में धैर्य, संयम और संतुलन के दूसरे नरम कामों की जरूरत होती है।"