
एंटरटेनमेंट डेस्क. टीवी और फिल्मों के इतिहास में ऐसे कई दर्दनाक हादसे हुए हैं, जिनकी वजह से जान-माल का भारी नुकसान झेलना पड़ा है। लेकिन 35 साल पहले टीवी इंडस्ट्री के इतिहास का सबसे बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसमें मरने वालों की संख्या से लगाया जा सकता है। इस शो का लीड एक्टर भी इतनी बुरी तरह झुलस गया था कि इसे 13 महीने तक अस्पताल में रहना पड़ा था। एक्टर के बचने के चांस 10 फीसदी से भी कम थे। हालांकि, इसने मौत को मात दी और आज जिंदगी के 84वें साल में प्रवेश कर गया है। जानिए इस हादसे के बारे में सबकुछ...
यह हादसा संजय खान के पॉपुलर टीवी शो 'द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान' की शूटिंग के दौरान हुआ था। शो की शूटिंग मैसूर के प्रीमियर स्टूडियो में चल रही थी। 8 फ़रवरी 2024 को जब संजय खान ने दूसरे एपिसोड की शूटिंग कर रहे थे, तब यह हादसा हुआ। बताया जाता है कि यह टीपू सुल्तान की शादी का सीन था, जिसके लिए 60 फीट बाय 120 फीट के एरिया में अब्दुरहॉल बनाया गया था। संजय शादी के दौरान होने वाली आतिशबाजी का शॉट लेना चाहते थे। संजय ने एक बातचीत में बताया था कि जब वे नावा लखनवी के साथ शो को लेकर कुछ डिस्कशन कर रहे थे, तभी उन्हें सेट पर भागदौड़ और चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। वे दौड़कर वहां पहुंचे तो देखा कि सेट आगे की चपेट में था।
संजय खान ने अपनी बायोग्राफी 'द बेस्ट मिस्टेक ऑफ़ माय लाइफ' में बताया है कि यह घटना 8 फ़रवरी 1989 को रात 8:30 बजे के बाद घटी। उन्होंने लिखा है कि जब चीख-पुकार सुनकर वे सेट के अंदर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आधा स्टूडियो जल चुका था। एक लाइटमैन कपड़े से आग बुझाने की कोशिश कर रहा था। उनके मुताबिक़, उन्होंने लाइटमैन को नीचे को कूदने के कहा। साथ ही स्टूडियो के बंद दरवाजे खोलने और फायर ब्रिगेट को बुलाने के लिए भी कहा। संजय लिखते हैं कि जब वे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी उनके ऊपर एक पेंट का टिन गिरा और वे खुद भी आगे की लपटों में घिर गए। इस हादसे में वे इतनी बुरी तरह ज़ख़्मी हुए कि 13 महीने उन्हें अस्पताल में बिताने पड़े। डॉक्टर्स ने खान की पत्नी को कहा था कि उनके बचने के चांस 10 प्रतिशत से भी कम हैं। उन्हें बचाने के लिए डॉक्टर्स ने 73 सर्जरी की और फाइनली उन्होंने मौत को मात दे दी। लेकिन दुखद यह है कि इस अग्निकांड में 60 से ज्यादा क्रू मेंबर्स को जान गंवानी पड़ी थी।
बताया जाता है कि प्रीमियर स्टूडियो में आग लगने की सबसे बड़ी वजहों में वहां लाइटिंग के लिए लगाई गई वायरिंग थी, जो ढीली थी। दूसरी ओर स्टूडियो के अंदर वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सेट की जो दीवारें बनाई गई थीं, उनके लिए फायर प्रूफ मटेरियल की बजाय बोरियों का इस्तेमाल किया गया था। दीवारों पर बड़ी-बड़ी लाइट लगाई गईं थीं, जिनके चलते वहां का तापमान 120 डिग्री तक बढ़ गया था। सेट पर बरती गईं यही लापरवाहियां भारी पड़ीं, जिनके चलते ना केवल आग लगी, बल्कि यह भीषण भी हो गई। हादसे में मरने वाले लोगों के परिवार को 5000-5000 रुपए का मुआवजा दिया गया गया था। बता दें कि 'द स्वॉर्ड ऑफ़ टीपू सुल्तान' 25 फ़रवरी 1990 से 14 अप्रैल 1991 के बीच टेलीकास्ट हुआ था। इस शो का एस्टीमेटेड बजट 3.64 करोड़ रुपए बताया जाता है। शो के हर एपिसोड की लागत 7 लाख रुपए के आसपास थी।
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