
फूड डेस्क : क्या आपने कभी काला गेहूं (black wheat) खाया है या इसके बारे में सुना है? अगर नहीं तो हम आपको बता दें कि काला गेहूं भूरे की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर, प्रोटीन, मैग्नीशियम जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपकी सेहत के लिए रामबाण होते हैं। इतना ही नहीं सामान्य गेहूं की तुलना में इसमें एंटी ग्लूकोस तत्व भी ज्यादा पाए जाते हैं, जो शुगर के मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि काला गेहूं क्या होता क्या है और इसके फायदे (benefits of black wheat) क्या है...
काला गेहूं कैसे अलग है?
काला गेहूं हल्का बैंगनी रंग को होता है, जो चीज काले गेहूं को रंग में अलग बनाती है, वह है "एंथोसायनिन" जो फलों और सब्जियों के रंगों को भी निर्धारित करता है। नियमित गेहूं में एंथोसायनिन की 5ppm (भाग-प्रति-मिलियन) सांद्रता होती है, वहीं काले गेहूं के दाने में लगभग 100-200 पीपीएम एंथोसायनिन पाया जाता है। यह वैज्ञानिक रूप से काले गेहूं को एक स्वस्थ विकल्प बनाता है। हालांकि, इसका रेट नियमित गेहूं की तुलना में दो से तीन गुना तक ज्यादा होता है।
काले गेहूं और सामान्य गेहूं के बीच अंतर
सामान्य गेहूं
एंथोसायनिन सामग्री: 5 पीपीएम
जिंक सामग्री: 28%
आयरन: 25%
काला गेहूं
एंथोसायनिन सामग्री: 140 पीपीएम
जिंक सामग्री: 35% अधिक
आयरन: 60% अधिक
कई बीमारियों से बचाएं
काला गेहूं में अधिक मात्रा में एंथोसायनिन पाया जाता है, जो सूजन संबंधी बीमारियों से बचाता है और उच्च रक्तचाप, सर्दी, संक्रमण और हृदय रोग से भी बचाव करता है। एंथोसायनिन हृदय रोगों को नियंत्रित करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार करता है। एक अध्ययन के अनुसार, एंथोसायनिन मोटापे को भी रोकता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए रामबाण
डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए काला गेहूं बहुत उपयोगी होता है, क्योंकि इसका नियमित रूप से सेवन करने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। जबकि, रेगुलर गेहूं के आटे में शुगर की ज्यादा मात्रा पाई जाती है।
इम्यूनिटी बढ़ाएं
काले गेहूं में अधिक एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हमारे शरीर में एंटीबॉडी और फ्री-रेडिकल्स को नियंत्रित करते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट हमारी इम्यूनिटी को बूस्ट करते है और रोगों से लड़ने में हमारी मदद करता है।
आंखों के लिए फायदेमंद
काला गेहूं आंखों से जुड़ी सभी समस्याओं को भी कम करने में मदद करता है। काले गेहूं में भी उच्च मात्रा में एंथोसायनिन होता है, जो रात की दृष्टि में भी सुधार करता है। ये रतौंधी की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी रामबाण है, क्योंकि एंथोसायनिन के कम सेवन के कारण ही रतौंधी हो जाती है। जिसकी कमी काला गेहूं पूरा करता है।
शरीर में नए ऊतकों का करें निर्माण
काला गेहूं शरीर में नए ऊतकों को बनाने में कारगर होता है, क्योंकि इसमें फास्फोरस की उच्च मात्रा पाई जाती है। नए ऊतकों को बनाने के साथ ही ये पुराने ऊतकों को भी स्वस्थ रखता है, जिससे शरीर सुचारु रुप से कार्य कर सके।
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