Published : Jun 06, 2020, 10:00 AM ISTUpdated : Jun 06, 2020, 10:02 AM IST
मधुबनी (Bihar)। कोरोना काल में लागू लॉकडाउन ने लोगों में बदलाव ला दिया। इसका असर शादी-ब्याह के पारंपरिक तौर-तरीकों में भी खासा दिखने लगा है। बैंड-बाजे और बारात के साथ शान-ओ-शौकत वाली शादियां अब सादगी और अनोखे तरीके से हो रही हैं। कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है अंधरा ठाढ़ी प्रखंड स्थित हरना गांव में। जहां लॉकडाउन वन में एक परिवार ने ताम-झाम की बजाय पूरी सादगी के साथ अपनी बेटी की शादी ऑनलाइन कराई, जिसके दो माह बाद लागू किए गए अनलॉक वन में दूल्हे को ससुराल बुलाया और जमकर खातिरदारी की। साथ ही शादी की शेष रस्मों को पूरा कराने के बाद दुल्हन के साथ विदा किया।
मधुबनी के हरना गांव निवासी शकील गाजी की पुत्री नगमा गाजी का निकाह कटिहार जिले के बरसाई गांव निवासी नफीस अहमद के साथ तय हुआ। 28 मार्च को बारात आनी थी, कार्ड बांटे जा चुके थे। (प्रतीकात्मक फोटो)
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निकाह में शामिल होने के लिए नाते-रिश्तेदार गांव पहुंच चुके थे। लेकिन, निकाह से एक हफ्ते पहले कोरोना संकट के चलते देशव्यापी लॉकडाउन हो गया।(प्रतीकात्मक फोटो)
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शकील गाजी कहते हैं कि 'पहले तो कुछ समझ नहीं आ रहा था। लेकिन, सगे-संबंधियों और लड़का पक्ष से सलाह-मशविरा के बाद तय तिथि पर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद से निकाह पढ़वाने का फैसला लिया। लड़का-लड़की ने अपने-अपने घरों में ही टीवी स्क्रीन पर एक-दूसरे को देखकर निकाह का कबूलनामा पढ़ा।(प्रतीकात्मक फोटो)
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निकाह के करीब दो महीने बाद अनलॉक-01 लागू हुआ, जिसके बाद दूल्हा ससुराल पहुंचा। दामाद की ससुराल में खूब आवभगत हुई। साथ ही निकाह के दौरान जो रस्में अधूरी रह गईं थी उसे पूरा करने के बाद सादगीपूर्ण माहौल में दूल्हे के साथ दुल्हन को विदा किया गया।(प्रतीकात्मक फोटो)
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लड़की पक्ष के अकील अशरफ का कहना है कि 'बेटी का निकाह धूम-धाम से करने का अरमान पूरा नहीं होने का अफसोस तो है, लेकिन सुकून इस बात का है कि संकट की इस घड़ी में हमारे परिवार ने समाज को एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया।(प्रतीकात्मक फोटो)
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