पटना : सेना में भर्ती की केंद्र सरकार की नई स्कीम 'अग्निपथ' (Agnipath Scheme) बिहार (Bihar) के युवाओं को रास नहीं आया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के अग्निवीरों के लिए अग्निपथ योजना की घोषणा करने के 24 घंटे बाद ही बुधवार को राज्य के कई हिस्सों में जमकर बवाल कटा है। प्रदेश के कई जिलों में कहीं आगजनी, कहीं पथराव तो कहीं तोड़फोड़ हुई है। कहीं-कहीं तो छात्रों ने रेलवे ट्रैक ही जाम कर दिया। जिससे घंटों तक ट्रेनें प्रभावित रहीं हैं। छात्र अपनी मांग को लेकर अड़े हुए हैं। उन्हें समझाने की हर कोशिश अभी तक विफल हुई है। तस्वीरों में देखिए अग्निपथ योजना के विरोध में छात्रों का आक्रोश...
बुधवार सुबह-सुबह ही मुजफ्फरपुर में सेना अभ्यर्थियों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में हाथों में लाठी-डंडा लेकर छात्र उग्र प्रदर्शन करने लगे। छात्र सबसे पहले आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस पहुंचे, नारेबाजी की, विरोध जताया और थोड़ी ही देर में वे माड़ीपुर पहुंच गए और आगजनी की। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।
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पुलिस ने युवाओं के समझाने की कोशिश की लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। उनका गुस्सा समझाने के बाद और फूट पड़ा। उन्होंने रोड किनारे लगे बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और बोर्ड उखाड़कर फेंक दिए। पुलिस से उन्होंने कहा कि सेना के किसी अधिकारी के आने तक वे टस से मस नहीं होंगे। भले ही आत्महत्या ही क्यों न करनी पड़े। भगवानपुर चौक से लेकर कई जगहों पर उनका आक्रोश देखने को मिल रहा है।
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सेना भर्ती नई स्कीम का विरोध बेगूसराय में भी देखने को मिल रहा है। यहां भी छात्रों ने हर हर महादेव चौक पर नेशनल हाइवे-31 को जाम कर दिया है। वे अग्निपथ भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनकी मांग है कि पुरानी भर्ती प्रक्रिया ही शुरू की जाए और उम्र में दो साल की छूट मिले। इसके अलावा आरा में भी जमकर प्रदर्शन चल रहा है।
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इधर, बक्सर में भी जमकर बवाल देखने को मिल रहा है। सेना भर्ती की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में युवा ट्रेन की पटरी पर पहुंच गए और ट्रैक को अपने कब्जे में ले लिया। इससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन-पटना जंक्शन रेलखंड के बक्सर रेलवे स्टेशन पर छात्र उबल पड़े। करीब 45 मिनट तक जमकर हंगामा, विरोध और प्रदर्शन चला। बाद में RPF के समझाने पर छात्र मान गए और ट्रैक छोड़ हट गए।
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युवाओं का कहना है कि चार साल पूरे होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी काडर में शामिल कर लिया जाएगा लेकिन बाकी के 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा? सरकार की तरफ से उन्हें 12 लाख रुपए सेवा निधी मिलेगी लेकिन क्या ये जीवन गुजारने के लिए काफी हग? उनके पास दूसरी नौकरी का क्या विकल्प होगा?
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सेना भर्ती अभ्यर्थियों का कहना है कि साल 2021 में सेना में बहाली हुई थी। तब मुजफ्फरपुर समेत आठ जिलों के हजारों अभ्यर्थी इसमें शामिल हुए थे। फिजिकल पास करने के बाद उनका मेडिकल हुआ और अब जिनका मेडिकल निकल गया है, उन्हें एक साल से लिखित परीक्षा का इंतजार है लेकिन अब तक यह परीक्षा नहीं हुआ और अब सरकार नया नियम बना रही है।
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