मुंबई. डायरेक्टर यश चोपड़ा (Yash Chopra) की फिल्म परंपरा (Film Parampara) की रिलीज को 28 साल साल पूरे हो गए हैं। 14 मई, 1993 को रिलीज हुई यह एक मल्टी स्टारर फिल्म थी। बड़े और नामी स्टार्स होने के बावजूद फिल्म बॉक्सऑफिस पर सुपरफ्लॉप साबित हुई। फिल्म में सुनील दत्ता (Sunil Dutt), विनोद खन्ना (Vinod Khanna), आमिर खान (Aamir Khan), सैफ अली खान (Saif Ali Khan), रवीना टंडन (Raveena Tandon), नीलाम कोठारी (Neelam Kothari) लीड रोल में थे। वैसे, आपको बता दें कि सैफ अली खान ने इसी फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा था। लेकिन शायद कम ही लोग जानते है कि सैफ इससे पहले फिल्म बेखुदी से डेब्यू करने वाले थे। लेकिन उनके एक गलत हरकत की वजह से उन्हें फिल्म से बाहर का रास्त दिखा दिया गया था। अगर बेखुदी सैप की डेब्यू फिल्म होती तो वे काजोल (Kajol) के साथ स्क्रीन शेयर करते।
हालांकि, आगे चलकर सैफ ने अपनी आदतों में सुधार किया और उनकी अब उनकी गिनती बॉलीवुड के सुपरस्टार्स में की जाती है। आवे वाले समय में कुछ बेहतरीन और बड़े बजट की फिल्मों में नजर आएंगे।
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खबरों की मानें तो फिल्म बेखुदी के डायरेक्टर ने इस फिल्म से सैफ को उठाकर बाहर फेंक दिया था, क्योंकि उनका रवैया डायरेक्टर को अनप्रफेशनल लग रहा था और उन्हें लग रहा था कि फिल्म में वे इंटरेस्ट नहीं ले रहे। सैफ ने खुद बताया कि सेट पर ऐसा क्या हुआ था कि डायरेक्टर को गुस्सा आ गया और उन्हें निकाल दिया।
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1991 में ही सैफ को 'बेखुदी' के लिए कास्ट किया गया था, जिसमें उनके ऑपोजिट काजोल थी। सैफ ने अपने एक इंटरव्यू में खुद यह खुलासा किया था कि उन्हें इस फिल्म से क्यों बाहर कर दिया गया था।
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बता दें कि 'बेखुदी' का पहला शूटिंग शेड्यूल पूरा हो चुका था, लेकिन राहुल रवैल को सैफ अनप्रफेशनल लगने लगे और उन्होंने सैफ को बाहर निकाल कर उनकी कमल सदाना को ले लिया।
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अपने एक इंटरव्यू ने इसी से जुड़ा किस्सा शेयर करते हुए सैफ ने बताया कि पहले दिन सेट पर क्या हुआ था। सैफ डायरेक्टर राहुल रवैल और अपनी को-स्टार काजोल के साथ फिल्म के गाने की शूटिंग कर रहे थे।
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उन्होंने बताया कि उन्हें इस गाने में झूठे आंसू से दर्द वाले एक्सप्रेशन्स चेहरे पर दिखाने थे, लेकिन एक लाइन गाते हुए उनका एक्सप्रेशन्स ही बदल जाते थे, जिसके बाद डायरेक्टर को लगने लगा कि वह इसमें इंटरेस्ट ही नहीं ले रहे हैं।
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सैफ मानते हैं कि उन्होंने इतना खराब परफॉर्म किया होगा, जिसके बाद डायरेक्टर को उन्हें बाहर करना पड़ा होगा। उन्होंने इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि वे शॉट बेहद घटिया रहा। हालांकि, इसी दौरान उनकी पर्सनल लाइफ में भी प्यार-मोहब्बत का सिलसिला शुरू हो चुका था। 1991 में ही सैफ, अमृता सिंह से मिले थे और इसी साल अक्टूबर में उन्होंने शादी भी कर ली थी।
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सैफ और अमृता की पहली मुलाकात उस वक्त हुई जब अमृता बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुकी थीं जबकि सैफ 'बेखुदी' फिल्म से डेब्यू करने जा रहे थे। 'बेखुदी' फिल्म को राहुल रवैल डायरेक्ट कर रहे थे। राहुल रवैल अमृता सिंह के करीबी दोस्त थे। इसलिए वह चाहते थे कि फिल्म की स्टारकास्ट के साथ अमृता का फोटोशूट हो।
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इस फोटोशूट के बाद सैफ के दिल में अमृता के लिए एक खास जगह बन गई थी। सैफ, अमृता से दोबारा मिलने के लिए इतने उतावले थे कि उन्होंने अमृता को फोन तक कर दिया था। सैफ ने अमृता से फोन पर उनसे डिनर पर चलने को कहा जिस ऑफर को सुनकर अमृता चौंक गई थी। अमृता सैफ के साथ बाहर जाने को तैयार नहीं हुई लेकिन उन्होंने सैफ को अपने ही घर पर डिनर पर बुलाया।
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इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे अपनी जिंदगी की कई बातें शेयर की। कहा जाता है कि इस मुलाकात के बाद सैफ 2 दिन तक अमृता के घर पर ही रहे। इसके बाद दोनों ने शादी करने का फैसला ले लिया। खास बात है कि शादी का फैसला लेते हुए अमृता ने अपने करियर के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोचा। मगर शादी के 13 साल बाद सैफ और अमृता अलग हो गए थे। इसके बाद सैफ ने करीना कपूर से शादी की।