Published : Sep 22, 2020, 12:06 PM ISTUpdated : Sep 22, 2020, 12:12 PM IST
गुड़गांव (हरियाणा). नवाब मंसूर अली खान पटौदी की आज डेथ एनिवर्सरी है क्रिकेट के मैदान पर वह 'टाइगर' के नाम से जाने जाते थे। उनकी जिंदगी किसी फिल्म से कम नहीं रही। हादसे में एक आंख की रोशनी खो जाना, नवाबों वाली शान-शौकत के साथ जिंदगी जीना और अपने दौर की मशहूर एक्रट्रेस शर्मिला टैगोर से इश्क लड़ाने के लिए भी वे काफी चर्चित हुए। डेथ एनिवर्सरी के मौके पर हम आपको बता रहे हैं उनकी हरियाणा में बनी पटौदी पैलेस के बारें में जिसकी तस्वीर अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। देखिए खूबसूरत पटौदी पैलेस की अंदर की तस्वीरें...
गुड़गांव से करीब 26 किलोमीटर दूर पटौदी गांव में बना यह व्हाइट कलर का पैलेस है। जिसको पटौदी पैलेस के नाम से जाना जाता है, इस पैलेस को सन 1900 में इसे बनाया गया था और इसे इब्राहीम कोठी भी कहा जाता है। साल 2014 में सैफ ने इसे रिनोवेशन किया और इसके इंटेरियर को नया रूप दिया। तब से इनका पूरा परिवार छुट्टियां मनाने यहां आता रहता है।
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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस पैलेस में करीब 150 कमरे हैं, जिनमें सात ड्रेसिंग रूम, सात बेडरूम और कई बड़े ड्राइंग रूम और डाइनिंग रूम भी शामिल हैं। इस पैलेस के कंस्ट्रक्शन को सैफ अली खान के दादा और मंसूर अली खान के पिता इफ्तिखार अली हुसैन सिद्दीकी ने करवाया था।
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नवाब पटौदी की यह आलीशान हवेली अंदर से देखने में किसी 'स्वर्ग से कम सुंदर नहीं है। बॉलीवुड के सुपरस्टर अमिताभ बच्चन और किंग खान का बंगलों से भी लग्जरी है यह पटौदी पैलेस।
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तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि पटौदी पैलेस के सामने एक बहुत बड़ा स्विमिंग पूल है और अन्दर शतरंज की तरह ब्लैक एंड व्हाईट मार्बल लगे हुए हैं। बाहर एक बड़ा सा लॉन है और चारों तरफ ग्रीनरी है। मुंबई के शोरगुल से दूर ऐसी जगह रहने का मज़ा कुछ और ही होता होगा।
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बता दें की आज के समय में इसकी कीमत करीब 800 करोड़ के आसपास बताई जाती है। इस महल में हालांकि अभी को पटौदी परिवार का रहता नहीं है, लेकिन 20 से 25 नौकर यहीं रहकर इसकी देखरेख करते हैं।
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तस्वीरों में आप देख सकते हैं कि पटौदी पैलेस के सामने एक बहुत बड़ा स्विमिंग पूल है और अंदर शतरंज की तरह ब्लैक एंड व्हाईट मार्बल लगे हुए हैं। बाहर एक बड़ा सा लॉन है और चारों तरफ ग्रीनरी है।
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बता दें कि बॉलीवुड की कई फिल्मों की शूटिंग भी पटौदी पैलेस में हो चुकी है। सफेद दीवार, वुडेन फर्नीचर और लंबी सीढ़ियों से बना यह पैलेस बेहद खूबसूरत है। इन डोर गेम खेलने के लिए पूल रूम भी है और बड़े बड़े सोफे के साथ दीवारों पर कई तस्वीरें भी फ्रेम की हुई हैं।
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मंसूर अली उर्फ नवाब पटौदी की मौत के बाद उन्हें महल परिसर में स्थित कब्रगाह में दफनाया गया था।
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बता दें कि इस आलीशान हवेली में जिम से लेकर खेल कूंद की सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। क्रिकेट मैदान से लेकर गोल्फ तक यहां खेला जा सकता है।
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एक इंटरव्यू में सैफ ने बताया था, 'पिता की मौत के बाद इस पैलेस को नीमराणा होटल्स को किराए पर दिया था। इससे पहले अमन और फ्रांसिस इसे चलाते थे। फ्रांसिस का निधन हो गया जिसके बाद मुझसे कहा गया कि मैं अपना पैलेस वापस ले सकता हूं ।
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2003 में मंसूर अली खान की मां साजिदा सुल्तान की मौत के बाद उन्हें सरकारी बंगला छोड़ना पड़ा। उसके बाद नवाब पटौदी पत्नी शर्मिला टैगौर के साथ इस महल में रहने लगे थे।
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