उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्मसभा में कहा कि जिन लोगों को जनता ने नकार दिया है, वे अफवाह और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सनातन और राष्ट्र की एकता पर जोर देते हुए कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो सनातन सुरक्षित रहेगा और दोनों को अलग नहीं किया जा सकता।
कैथल/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि जिन लोगों को जनता पहले ही नकार चुकी है और जिन्होंने जनता का विश्वास खो दिया है, वे अब मुकाबला नहीं कर पाने की स्थिति में अफवाह और अराजकता फैलाकर व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा और किसी भी तरह की अव्यवस्था या अराजकता को फैलने नहीं देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण के लिए मजबूती से आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि देश सुरक्षित रहेगा तो सनातन सुरक्षित रहेगा और सनातन सुरक्षित रहेगा तो देश भी सुरक्षित रहेगा। दोनों को अलग करके नहीं देखा जा सकता।
वैश्विक हालात और खाड़ी देशों के युद्ध पर सीएम योगी की टिप्पणी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुनिया के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक स्तर पर आर्थिक अस्थिरता और अराजकता पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसे कठिन समय में भी भारत किसानों की मेहनत और देश के मजबूत नेतृत्व के मार्गदर्शन में विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि 145 करोड़ देशवासी एकजुट होकर देश के नेतृत्व पर भरोसा जता रहे हैं और जो भी निर्णय देशहित में लिया जाएगा, उसका पालन करने के लिए तैयार हैं। सीएम योगी ने कहा कि जब दुनिया के कई देश अव्यवस्था और संकट से जूझ रहे हैं, तब भारत मजबूती के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
बाबा मुकुट नाथ मठ में धर्मसभा कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को हरियाणा के कैथल जिले के सौंगल गांव स्थित बाबा मुकुट नाथ मठ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने ब्रह्मलीन महंत पीर गणेश नाथ जी के आठवां भंडारा, देशमेल और शंखाढाल कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने मठ में पूजन-अर्चन कर संतों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए पीर शेरनाथ जी महाराज को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान शेरनाथ जी को पीर की पदवी भी प्रदान की गई।
पहले की सरकारें वोटबैंक और तुष्टिकरण में उलझी रहीं: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि जो लोग देशहित में काम कर रहे हैं, उनका समर्थन किया जाए और जो लोग देशविरोधी या धर्मविरोधी कार्य करते हैं, उन्हें नकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि देश का हर सनातन धर्मावलंबी चाहता था कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बने, क्योंकि भगवान राम सनातन परंपरा के प्रतीक और भारत की सांस्कृतिक पहचान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 500 वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं ने राम जन्मभूमि पर बने मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। वर्षों तक संघर्ष चलता रहा, लेकिन किसी ने इस विषय पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि जब Narendra Modi प्रधानमंत्री बने, तब अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए गए और आज वहां विश्व के सबसे भव्य मंदिरों में से एक का निर्माण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कई सरकारें आईं, लेकिन उन्होंने आस्था से जुड़े मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया, क्योंकि वे वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति में उलझी रहीं।
सनातन विरोधी सरकारें तुष्टिकरण की राजनीति करती हैं
सीएम योगी ने कहा कि काशी में काशी विश्वनाथ मंदिर का कॉरिडोर, उज्जैन में महाकाल महालोक, उत्तराखंड में केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम का विकास ऐसे समय में संभव हुआ जब इन विषयों पर सोचने वाली सरकारें सत्ता में आईं। उन्होंने कहा कि यदि सनातन विरोधी सरकारें सत्ता में आती हैं, तो वे फिर से तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा देंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कश्मीर और नक्सलवाद जैसी समस्याएं भी उसी राजनीति का परिणाम थीं, जिसमें तुष्टिकरण को प्राथमिकता दी गई। जब देश में जनजागरण हुआ, तब जनता ने ऐसे लोगों पर भरोसा करना बंद कर दिया और मजबूत नेतृत्व में विश्वास जताया।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने वालों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने जनता का विश्वास खो दिया है, वे अब भारत की संवैधानिक संस्थाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी लोकसभा स्पीकर, कभी न्यायपालिका और कभी भारत निर्वाचन आयोग पर अविश्वास जताया जाता है। जीत मिलने पर उसे अपनी उपलब्धि बताया जाता है और हार मिलने पर संस्थाओं पर सवाल खड़े किए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दोहरा रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। जो लोग सनातन और देश के खिलाफ काम करेंगे, उन्हें जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
पाकिस्तान पर नशे के जरिए साजिश का आरोप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें अपनी कमियों पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि दुश्मन हमेशा हमारी कमजोरी का फायदा उठाने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि Pakistan भारत में नशे को बढ़ावा देकर समाज को कमजोर करने की साजिश कर रहा है। मुख्यमंत्री ने धर्मसभा में मौजूद लोगों से आह्वान किया कि वे समाज और युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करें। उन्होंने कहा कि नशा विनाश का कारण बनता है और नशे के खिलाफ अभियान चलाना भी देश सेवा का एक महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि नशे के सौदागर देश के दुश्मन हैं और वे देश की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। इसलिए उन्हें किसी भी कीमत पर पनपने नहीं देना चाहिए।
संतों के सानिध्य में सदैव ऊंचा रहेगा सनातन धर्म का ध्वज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शेरनाथ जी महाराज ने अपने गुरु महंत गणेश नाथ जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए इस बड़े आयोजन का साहसिक निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि कई दशकों बाद सौंगल गांव में संतों, योगेश्वरों और श्रद्धालुओं का इतना बड़ा जमावड़ा हुआ है। यह इस बात का प्रमाण है कि संतों के सानिध्य में सनातन धर्म की ध्वज पताका हमेशा ऊंची रहेगी और कोई भी शक्ति इसे झुका नहीं सकती।
संत परंपरा ने राष्ट्र चेतना को दिया बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हमेशा सदाचार, कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को सर्वोच्च महत्व दिया है। उन्होंने कहा कि संतों और संन्यासियों ने समाज और राष्ट्र के लिए स्वयं को समर्पित किया है, इसलिए उनके प्रति लोगों के मन में गहरा सम्मान रहता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धा और समर्पण का भाव व्यक्ति को संस्कारित बनाता है और उसे अपने कर्तव्यों का बोध कराता है।
पंजाब और हरियाणा की भूमि संत परंपरा की धरोहर
सीएम योगी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा की भूमि वीरता और भक्ति की भूमि रही है। यहां से संतों और योगेश्वरों की एक लंबी परंपरा चली है, जिसने समाज को जागरूक करने और राष्ट्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि जब संत शक्ति जागरूक रहती है और धर्म तथा सत्य के मार्ग पर समाज को आगे बढ़ाती है, तब कोई भी ताकत भारत और सनातन धर्म को कमजोर नहीं कर सकती।
धर्मस्थल केवल पूजा के नहीं, राष्ट्र चेतना के भी केंद्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धर्मस्थल केवल पूजा और आस्था के स्थान नहीं होते, बल्कि वे राष्ट्र चेतना के भी केंद्र होते हैं। उन्होंने कहा कि धर्मस्थलों को समरसता और सामाजिक एकता का केंद्र बनना चाहिए, जहां बिना भेदभाव के हर व्यक्ति अपनी आस्था व्यक्त कर सके।
उन्होंने कहा कि जब समाज में जाति और मतभेद बढ़े, तब देश कमजोर हुआ और विदेशी आक्रांताओं ने इसका फायदा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत स्वतंत्र है और हम सभी को नए भारत पर गर्व होना चाहिए। भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम में कई संत और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस अवसर पर आयोजक महंत शेरनाथ जी महाराज ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में महंत पीर बाबा बालकनाथ, महंत राजनाथ जी महाराज, महंत हरिनाथ जी महाराज, महंत पूर्णनाथ जी महाराज, महंत लहरनाथ जी महाराज, महंत जिताई नाथ जी महाराज, महंत कृष्णनाथ जी महाराज, महंत समुद्रनाथ जी महाराज और भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर सहित अनेक संत, जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित रहे।


