Visakhapatnam Steel Plant Accident: विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में हादसा कैसे हुआ और पिघला स्टील कर्मचारियों तक कैसे पहुंचा? हादसे के समय स्टील का तापमान कितना था और कितने लोग इसकी चपेट में आए? क्या इस दुर्घटना के बाद औद्योगिक सुरक्षा मानकों और प्लांट प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं?
औद्योगिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित स्टील प्लांट में रविवार को हुए एक भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्लांट के भीतर पिघले हुए स्टील के अचानक रिसाव से कम से कम 8 कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही सेकंड में हालात इतने भयावह हो गए कि कर्मचारियों और अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना स्टील प्लांट के एसएमएस-2 (SMS-2) और एसटीसी-3 (STC-3) हीट फैसिलिटी विभाग में हुई। यहां क्रेन की मदद से अत्यधिक तापमान पर मौजूद तरल स्टील को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि करीब 1,500 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर खौल रहे स्टील से भरा लैडल (Ladle) अचानक असंतुलित हो गया। इसके बाद उसमें मौजूद पिघला हुआ स्टील तेजी से बाहर निकल गया और नीचे काम कर रहे कर्मचारियों पर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि कई कर्मचारियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
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8 कर्मचारियों की मौत, कई घायल
हादसे में 8 कर्मचारियों की मौत की पुष्टि की गई है। वहीं कई अन्य कर्मचारियों के झुलसने की खबर है, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। घायलों की स्थिति को लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी का इंतजार है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कुछ कर्मचारियों की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्लांट में मची अफरा-तफरी
घटना के तुरंत बाद पूरे प्लांट परिसर में दहशत का माहौल बन गया। पिघले स्टील के फैलने और आग लगने की आशंका के चलते कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते दिखाई दिए। कई मजदूर मौके से भागने में सफल रहे, जबकि कुछ सीधे हादसे की चपेट में आ गए।
आग पर काबू पाने में जुटी फायर ब्रिगेड
हादसे के बाद स्टील प्लांट की फायर ब्रिगेड और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम तुरंत सक्रिय हो गई। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग और गर्म स्टील के प्रभाव को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। बचाव और राहत कार्य कई घंटों तक जारी रहा। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र को सील कर दिया ताकि किसी और दुर्घटना की संभावना न रहे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
विशाखापत्तनम स्टील प्लांट देश के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों में से एक माना जाता है। ऐसे में इस हादसे ने औद्योगिक सुरक्षा मानकों और जोखिम प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इतनी उच्च तापमान वाली प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अत्यंत आवश्यक होता है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, उपकरण विफलता या मानवीय त्रुटि के कारण हुआ।
जांच के आदेश संभव
हादसे की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच की संभावना जताई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों का निर्धारण हो सकेगा। फिलहाल प्रशासन और प्लांट प्रबंधन का ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर केंद्रित है।
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