हेल्थ डेस्क : आज भी भारत में तमाम महिलाएं हैं जो मेंस्ट्रुएशन (menstruation) या पीरियड्स (periods ) को लेकर खुलकर बात नहीं करती हैं। महावारी के दौरान उनके शरीर पर क्या बीतती है, इस बारे में ना वो किसी को बताती हैं और डॉक्टर से कंसल्ट करती हैं। जिससे आगे जाकर उन्हें कई सारी परेशानी हो सकती है। वैसे तो एक महिला को 25 से 28 दिन के अंदर या किसी-किसी कंडीशन में 30 से 35 दिन के अंदर भी पीरियड्स होते हैं। जिसे आमतौर पर सामान्य माना जाता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि हार्मोनल इंबैलेंस और अन्य कारणों से महीने में एक नहीं बल्कि 2 या 3 बार पीरियड्स हो जाते हैं। ऐसा किस लिए होता है और क्या इससे घबराने की जरूरत है? इसे लेकर आज हम आपको बताते हैं, इररेगुलर पीरियड्स (irregular menstruation) होने के क्या कारण हो सकते हैं...
आज के समय में कई महिलाएं इररेगुलर पीरियड से परेशान है। किसी को पीरियड आने में देरी होती है तो किसी को महीने में दो-दो बार पीरियड आ जाते हैं। इसका आमतौर पर कारण परिवार में किसी को फाइब्रॉइड, अल्सर या जल्द मोनोपॉज होना हो सकता है। कई बार आयरन की कमी होने के कारण भी महीने में दो बार पीरियड हो सकते हैं।
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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं बहुत ज्यादा तनाव लेती हैं। घर की समस्या होने के साथ-साथ ऑफिस और बाहर के भी बहुत सारे काम उन्हें होते हैं। जिससे स्ट्रेस के कारण उनके खून में हार्मोन बढ़ जाते हैं और कई बार इस कारण उनके पीरियड एक से ज्यादा बार महीने में आ सकते हैं। इसके साथ ही हैवी ब्लीडिंग और पीरियड्स के दौरान दर्द भी ज्यादा हो सकता है।
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अगर आपको पीरियड्स के दौरान अल्सर की समस्या होती है तो इससे ज्यादा ब्लीडिंग होने के साथ-साथ कई बार दोबारा भी पीरियड आ सकते हैं। ऐसी स्थिति में डॉक्टर को दिखाकर उनसे अल्सर के दवाई लें।
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प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को पीरियड नहीं होते हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि प्रेग्नेंट होने के बाद भी महिलाओं को बीच-बीच में ब्लीडिंग होती रहती है। खासकर गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में ऐसा हो सकता है। ऐसे में अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट करें।
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आजकल महिलाएं बहुत ज्यादा फिटनेस फ्रीक होती हैं और अपने आप को फिट रखने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाती हैं। इस कारण उनके हार्मोंस भी इंबैलेंस हो सकते। जिसके चलते उन्हें महीने में दो बार पीरियड आ जाते हैं।
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प्रेग्नेंसी के स्टार्टिंग के महीनों में ब्लीडिंग होना आम बात है, लेकिन कई बार यह मिसकैरेज के कारण भी होता है। ऐसे में अगर आप प्रेग्नेंट है और बार-बार ब्लीडिंग हो रही है तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें कि कहीं आपका गर्भपात तो नहीं हो गया है।
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अगर आप अपने पार्टनर के साथ रेगुलर इंटिमेट होते हैं तो इसके चलते भी कई बार आपको पीरियड्स के दौरान समस्याएं हो सकती हैं। इसमें महीने में एक से ज्यादा बार पीरियड होना, पीरियड के दौरान दर्द होना या अत्यधिक ब्लीडिंग होना शामिल होता है।
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अक्सर महिलाएं प्रेग्नेंसी से बचने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती है और इसे बीच में छोड़ने से पीरियड की अनियमितता शुरू हो जाती है, क्योंकि यह दवाई आपके शरीर में हार्मोन चेंज का कारण बनती हैं जिसके चलते कई बार महीने में दो बार या उससे ज्यादा बार पीरियड आ सकते हैं।
आज के समय में कई महिलाएं इररेगुलर पीरियड से परेशान है। किसी को पीरियड आने में देरी होती है तो किसी को महीने में दो-दो बार पीरियड आ जाते हैं। इसका आमतौर पर कारण परिवार में किसी को फाइब्रॉइड, अल्सर या जल्द मोनोपॉज होना हो सकता है। कई बार आयरन की कमी होने के कारण भी महीने में दो बार पीरियड हो सकते हैं।
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