Published : Sep 10, 2020, 03:26 PM ISTUpdated : Sep 10, 2020, 06:14 PM IST
इंदौर, मध्य प्रदेश. महिला थाना पुलिस ने नवजात बच्चों को गायब करके उन्हें बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। ईवा वेलफेयर सोसायटी के साथ संयुक्त कार्रवाई करके पुलिस ने 10 दिन की बच्ची को बेचने निकले एक कपल को गिरफ्तार किया है। ये बच्ची का सौदा 1.20 लाख रुपए में करना चाहते थे। इसकी खबर पुलिस को लगी, तो जान बिछाकर उन्हें रानी सती गेट पर बुलाया गया। बच्ची को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया गया है। यहां से उसे इलाज के लिए एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। यह बच्ची आरोपियों ने कहा से उठाई थी या किसी ने दी थी, इसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। दोनों आरोपी मेडिकल स्टाफ हैं। इसलिए आशंका है कि बच्ची किसी अस्पताल से लेकर आए। पढ़िए पूरी कहानी...
बच्ची को गिरोह से जब्त करने के बाद पुलिसकर्मी स्वाती पाठक चेकअप के लिए उसे गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान जब वो बच्ची को देखकर मुस्कराईं, तो वो भी मुस्कराकर उन्हें टुकुर-टुकुर देखने लगी। सीएमएचओ डॉ. राम नरेश कुशवाह ने बताया कि बच्ची स्वस्थ्य है।
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दरअसल, एनजीओ ईवा वेलफेयर सोसायटी ने महिला थाना पुलिस को शिकायत की थी कि एक कपल नवजात को बेचने घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाया और खरीददार बनकर आरोपियों को दबोच लिया।
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पुलिस इसका पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास ये बच्ची कहां से आई। दोनों आरोपी इस धंधे में लंबे समय से हैं। उन्होंने माना कि वे पहले भी नवजात बच्चे बेच चुके हैं।
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यह है आरोपी बबूल उर्फ तेजकरण पुत्र हेमराज ठक्कर। ये नंदा नगर में रहता है। आरोपी पेश से मेडिकल स्टाफ है।
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यह है नंदा नगर की ही रहने वाली शिल्पा पत्नी मनीष तेलंग। यह भी मेडिकल स्टाफ से जुड़ी है।
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