Published : Aug 20, 2020, 03:09 PM ISTUpdated : Aug 20, 2020, 03:53 PM IST
इंदौर, साफ-सफाई के मामले में तीन बार स्वच्छता का ताज पहन चुके इंदौर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के परिणामों में इंदौर अव्वल रहा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से ऑनलाइन इन परिणामों की घोषणा करते हुए इंदौर के लोगों को नंबर-1 बनने पर बधाई दी। आखिर ऐसी कौन सी वजह यह है जो इंदौर पिछले चार साल से नंबर-1 रैकिंग का खिताब अपने नाम कर रहा है। लगातार यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था, नागरिकों की जागरुकता और नगर निगम की कार्यशैली के साथ-साथ सफाई कर्मियों का काम के प्रति समर्पण की बदौलत ही आज ये इतिहास इंदौर ने रच दिया। आइए जानते हैं प्रमुख वजह और देखिए तस्वीरें...
1. इंदौर के लोगों ने सफाई को एक आदत बना लिया है। उन्होंने इसको जनआंदोलन के रूप में अपनाया और अपने घर के साथ शहर की सफाई पर भी ध्यान दिया।
2. इंदौर नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन किया। डिस्पोजल की जगह पर बर्तन बैंक और थैलियों के विकल्प में झोला बैंक शुरू किया, डिस्पोजल फ्री जोन बनाए गए, खासकर शहर के सबसे भीड़ वाले इलाकों पर नजर रखी गई।
3.नगर निगम ने सिटीजन फीडबैक शुरू किया, जिसको शहर के लोगों ने काफी पसंद किया। इसमें इंदौर के नं-1 बनाने के लिए सवाल-जवाब तैयार किए गए। शहर के लोगों से उनके घर के सामने जाकर सफाई की सच्चाई जानी। ताकि लोग खुद अपना सही फीडबैक दे सकें। कई लोगों ने निगेटिव फीडबैक भी दिया, जिस पर काम किया गया।
216
4.देश में इंदौर एक मात्र ऐसा शहर है जिसने कचरा प्रबंधन शुल्क के 40 करोड़ वसूले। यह वह शिखर था, जिसे कोई दूसरा शहर छू भी नहीं सका। वहीं भोपाल ने कचरा प्रबंधन शुल्क 15 करोड़ वसूले।
5.सबसे बड़ी बात इंदौर शहर के लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता है। उनकी अब सफाई के मामले में आदत बन गई है। जिसका नतजा है कि हर साल शहर नंबर वन आता है।
6.निगम और पुलिस अगर किसी को भी गंदगी करते देख लेता है तो उसका चालान काट दिया जाता है। फिर चाहे वह आम आदमी हो या फिर कोई वीवीआईपी। सफाई का कानून यहां सबके लिए बराबर है।
316
7. इंदौर के सफाईकर्मी साल के 365 दिन हर समय सफाईकर्मी शहर को स्वच्छ रखने में जुटे रहते हैं। बारिश हो या ठंड कभी भी सफाई व्यवस्था बंद नहीं होती।
416
8 . बता दें कि शहर से दूर ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे का प्लांट लगा है, जो कि करीब 147 एकड़ फैला हुआ है। यहां रोजाना हजारों टन कचरा पहुंचता है, जहां सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग किए जाने की प्रोसेस होती है। प्लांट में कोरोंड़ों कीमत की कचरे प्रोसेसिंग करने की मशीनें लगाई गई हैं। इसके बाद निगम गीले कचरे से खेती के उपयोग में लाने के लिए खाद बनाती है। इस खाद को यहीं से किसानों को दे दिया जाता है। वहीं सूखे कचरे के निपटान के लिए दो प्लांट लगे हैं। एक 200 टन का तो दूसरा 300 टन का। 300 टन का इतना बड़ा प्लांट ऐसा पहला है जो देश में कहीं भी नहीं है।
516
इंदौर में सफाई के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए नगर निगम जगह-जगह पर स्लोगन लिखवाता है।
616
तस्वीर में आप देख सकते हैं कि जब एक युवक ने सड़क पर थूक दिया तो नगर निगम ने उसके खिलाफ कार्रवाई तो की ही, लेकिन उससे ही सफाई करवाई।
716
समय-समय पर स्कूल-कॉलेज के स्टूडेंट लोगों को सफाई के लिए झाडू लगाकर स्वच्छता का संदेश देते रहते हैं।
816
तस्वीर में देखिए गंदगी करने वाले युवक से किस तरह सफाई करवाता हुआ निगम।
916
शहर को साफ करने की इस मुहिम में आईपीएस से लेकर नेता तक शामिल होते हैं। वह खुद झाड़ू लगाकर लोगों को जागरूक करते रहते हैं।
1016
1116
इस तस्वीर से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शहर कितना साफ और स्वच्छ रहता है।
1216
जब साल 2020 के स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर नंबर-1 बना तो शहर से सांसद शंकर लालवानी ने भी जश्न मनाते हुए लोगों के साथ जमकर डांस किया।
1316
इंदौर में लोग सफाई के प्रति इतने जागरूक हैं कि उनके कहना नहीं पड़ता और वह गीला कचरा गीले डिब्बे में तो सूखा कचरा सूखे वाले डिब्बे में डालते हैं। जब निगम की गाड़ी आती है तो लोग लाइन लगाकर हाथों में डस्टबिन लेकर दरवाजे पर खड़े रहते हैं।
1416
इंदौर सफाई में नंबर 1 आने पर शहर के लोगों ने सड़कों पर जगह-जगह रंगोली बनाकर जश्न मनाया।
1516
इस तस्वीर को देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं की इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारी सफाई के लिए कितने जागरूक रहते हैं, छोटे से छोटे कचरे को भी नहीं छोड़ते हैं।
1616
अगर कोई ऊपर वाली फ्लौर पर रहता है और वह नीचे नहीं आ सकता तो वह सफाई कर्मचारियों को एक रस्सी के सहारे अपना कचरे का डस्टबिन दे देता है।
मध्य प्रदेश में सरकारी नीतियों, योजनाओं, शिक्षा-रोजगार, मौसम और क्षेत्रीय घटनाओं की अपडेट्स जानें। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित पूरे राज्य की रिपोर्टिंग के लिए MP News in Hindi सेक्शन पढ़ें — सबसे भरोसेमंद राज्य समाचार सिर्फ Asianet News Hindi पर।