Published : Aug 26, 2020, 03:30 PM ISTUpdated : Aug 26, 2020, 05:37 PM IST
भोपाल. जम्मू-कश्मीर के बारामूला में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए राजगढ़ जिले के मनीष कारपेंटर का पार्थिव शरीर पैतृक गांव खुजनेर पहुंचा। पूरे गांव को शहीद के स्वागत में फूलों से सजाया गया था। लेकिन आंखें हर किसी की नम थीं। सभी के चहेरे पर खामोशी दिखी। मनीष के पिता सिद्धनाथ विश्वकर्मा ने रोते हुए कहा- मुझे गर्व है कि मेरे दोनों बेटे सेना में हैं। एक बेटे ने भारत मां की सेवा करते-करते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। लेकिन अब मैं बहू को क्या जवाब दूंगा। एक साल पहले उसको दुल्हन बनाकर लाया था। बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद को भोपाल के 3 सीएमई सेंटर में श्रद्धांजलि दी। परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा भी की।
मनीष के पिता सिद्धनाथ विश्वकर्मा ने कहा- पांच-छह दिन पहले बेटे से बात हुई थी। उसने कहा था- दो-तीन महीने बाद दशहरा के आसपास घर आऊंगा। आप आरती (पत्नी) को मायके से ले आना। लेकिन बहू को लाने से पहले बेटे की शहादत की खबर आ गई। मनीष के सुसर मांगीलाल ने बताया- कश्मीर में नेटवर्क की समस्या की वजह से दमाद जी से कम बात होती थी। 6 महीने पहले मुलाकात हुई थी।
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बता दें, मनीष की शादी 19 मई 2019 को आष्टा जिले के निपानिया गांव की आरती से हुई थी। शादी के एलबम में लगीं फोटो को देखकर आरती बेहोश हो जाती है।
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बुधवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शहीद को भोपाल के 3 सीएमई सेंटर में श्रद्धांजलि दी।परिवार को एक करोड़ रुपए की सम्मान राशि और एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा भी की।
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यादें - शादी के दौरान जयमाला के मंच पर एक-दूसरे के साथ फोटो खिंचवाते हुए मनीष और आरती।
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मनीष ने शहादत के 6 दिन पहले आरती से भी फोन पर बातचीत की थी।
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मनीष की फोटो...।
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