Published : Sep 30, 2021, 09:53 AM ISTUpdated : Sep 30, 2021, 09:59 AM IST
नई दिल्ली. वर्ष, 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले देश के 'रियल हीरो' वीआर चौधरी (VR Chaudhari) आज से इंडियन एयरफोर्स(Indian Air Force) के नए चीफ होंगे। अभी वे वाइस चीफ जैसा महत्वपूर्ण पद संभाल रहे थे। मौजूदा वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल(air chief marshal) राकेश कुमार सिंह के रिटायर हो गए हैं। चौधरी IAF के 27वें चीफ होंगे। ये अगले 3 साल तक इस पद पर रहेंगे। यानी यह कार्यकाल सितंबर 2024 तक रहेगा। इनकी पोस्टिंग ऐसे में समय में हुई है, जब पूर्वी लद्दाख से सटी सीमा पर चीन अकसर विवाद खड़ा करता रहता है। चौधरी को यहां की भौगोलिक स्थितियों का बखूबी ज्ञान है। जानिए भारत के रियल हीरो के बारे में...
वीआर उर्फ विवेक राम चौधरी नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) से पासआउट हैं। ये डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज से ग्रेजुएट हैं। वीआर चौधरी(VR Chaudhari) इसी 1 जुलाई को एयर मार्शल हरजीत सिंह अरोड़ा की जगह 45वां वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ बनाए गए थे। बता दें कि भारतीय एयर फोर्स(IAF) में यह दूसरी सबसे प्रमुख पोजिशन होती है।
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वीआर चौधरी का करियर दिसंबर 1982 में वायुसेना की फाइटर स्ट्रिम में बतौर फाइटर पायलट कमीशनिंग से हुआ था। ये MiG-21, MiG-23MF, MiG-29 और Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमान उड़ाने में महारथी कहे जाते हैं। इन्हें अब तक 3800 घंटे से ज्यादा देर तक लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव है।
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वीआर चौधरी IAF के हेडक्वार्टर में उप प्रमुख और पूर्वी कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के तौर पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वाइस चीफ बनने से पहले ये पश्चिमी वायु कमान के कमांडर-इन-चीफ थे। बता दें कि इसी कमान के पास पाकिस्तान और चीन के साथ लगीं सीमाओं के कुछ हिस्सों की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। यही कमान लद्दाख में भी अपनी ड्यूटी निभाती है।
वर्ष 1999 में पाकिस्तान से हुए कारगिल युद्ध के दौरान इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान को सबक सिखाने ऑपरेशन 'सफेद सागर' चलाया था। इसमें चौधरी की अहम रोल था। इस ऑपरेशन के जरिये IAF ने नियंत्रण रेखा के साथ कारगिल सेक्टर में भारतीय चौकियों से पाकिस्तानी सैनिकों को मार भगाया था। 1984 में ऑपरेशन मेघदूत के जरिये भारतीय सेना ने कश्मीर के सियाचिन ग्लेशियर को अपने कब्जे में लिया था। इसमें IAF का अहम रोल था।
चौधरी अक्टूबर 2019 से जुलाई 2020 तक पूर्वी वायु कमान के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर भी रहे हैं। इन्होंने मिग-29 स्क्वाड्रन की कमान, फॉरवर्ड बेस की कमान और फिर वायु सेना स्टेशन पुणे की कमान भी संभाली।