Published : Mar 17, 2020, 04:11 PM ISTUpdated : Mar 17, 2020, 04:26 PM IST
नई दिल्ली. निर्भया केस के दोषी अक्षय की पत्नी ने एक चौंकाने वाली याचिका दाखिल की है। बिहार में रहने वाले अक्षय बिहार का रहने वाला है। उसकी पत्नी ने परिवार न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की है। बता दें कि अक्षय सहित निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे फांसी दी जानी है। दोषियों को फांसी देने के लिए इससे पहले भी तीन बार डेथ वॉरंट जारी हो चुका है, लेकिन दोषियों की याचिका की वजह से डेथ वॉरंट को रद्द कर दिया गया।
20 मार्च की सुबह 5.30 बजे निर्भया के दोषियों को फांसी होनी है। उससे 60 घंटे पहले अक्षय ठाकुर की पत्नी ने तलाक की याचिका लगाई है।
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अक्षय की पत्नी ने अपनी तलाक की अर्जी में कहा है कि उसके पति को 20 मार्च को फांसी होने वाली है। वह रेप का दोषी है। लेकिन पत्नी उसे निर्दोष मानती है। पत्नी का कहना है कि पति को फांसी होने वाली है, ऐसे में मैं विधवा बनकर नहीं रहना चाहती हूं। मुझे तलाक चाहिए। अब इस मामले में 19 मार्च को सुनवाई होगी।
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निर्भया के दोषी मौत से बचने के लिए हर चाल चल रहे हैं। 20 मार्च की फांसी से बचने के लिए दोषियों ने एक ही दिन में 3 याचिकाएं लगा दी हैं।
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मुकेश मंगलवार को मुकेश ने निचली अदालत में कहा, पुलिस ने अहम दस्तावेज को कोर्ट से छुपाए है। इसलिए फांसी को रद्द कर दिया जाए। तब तक वह अपने पूरे दस्तावेज दिखा सकेगा।
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मंगलवार को पवन ने सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव याचिका दाखिल की। उसने याचिका में खुद को नाबालिग होने की बात दोहराई। उसने कहा कि गैंगरेप के वक्त वह नाबालिग था, इसलिए उसकी फांसी की सजा को रद्द कर दिया जाए।
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मंगलवार को ही तीसरी याचिका राम सिंह को लेकर लगी। जेल में मरे राम सिंह के भाई और सह आरोपी मुकेश ने एनएचआरसी को याचिका भेज मौत की जांच न होने की बात कही। मुकेश का आरोप था कि उसके भाई की जेल में हत्या की गई थी।
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निर्भया के तीन दोषी अक्षय, पवन और विनय ने अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में फांसी रोकने के लिए अपील की है। सोमवार को उनके वकील एपी सिंह ने कहा कि तीनों दोषियों को बचाने के लिए आखिरी वक्त से सभी कानूनी विकल्प अपनाते रहेंगे।
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दोषियों को फांसी देने के लिए चार बार डेथ वॉरंट जारी किया जा चुका है। तीन बार फांसी की तारीख रद्द कर दी गई। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इस बार भी फांसी टल जाएगी? इसका जवाब खुद निर्भया की तरफ से केस लड़ रही वकील सीमा कुशवाहा ने दिया। उन्होंने कहा कि दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म हो चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दोषियों की सुनवाई ही नहीं होगी। 20 मार्च को चारों दोषियों को फांसी होगी।
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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चौथी बार डेथ वॉरंट जारी किया, जिसके मुताबिक, 20 मार्च की सुबह 5.30 बजे चारों दोषियों को फांसी दी जाएगी। फांसी देने के लिए यूपी के मेरठ से पवन जल्लाद को बुलाया गया है। पवन के आने के बाद फांसी से पहले डमी फांसी के जरिए टेस्टिंग की जाएगी।
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दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका बस स्टॉप पर 16-17 दिसंबर 2012 की रात पैरामेडिकल की छात्रा अपने दोस्त को साथ एक प्राइवेट बस में चढ़ी। उस वक्त पहले से ही ड्राइवर सहित 6 लोग बस में सवार थे। किसी बात पर छात्रा के दोस्त और बस के स्टाफ से विवाद हुआ, जिसके बाद चलती बस में छात्रा से गैंगरेप किया गया। लोहे की रॉड से क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। छात्रा के दोस्त को भी बेरहमी से पीटा गया। बलात्कारियों ने दोनों को महिपालपुर में सड़क किनारे फेंक दिया गया। पीड़िता का इलाज पहले सफदरजंग अस्पताल में चला, सुधार न होने पर सिंगापुर भेजा गया। घटना के 13वें दिन 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में छात्रा की मौत हो गई।
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