Published : Jul 09, 2022, 04:39 PM ISTUpdated : Jul 09, 2022, 04:43 PM IST
श्रीनगर। अमरनाथ गुफा मंदिर (Amarnath cave shrine) के पास भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 16 हो गई। कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। सेना के जवान तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि फंसे हुए 15,000 तीर्थयात्रियों को पंजतरणी के निचले आधार शिविर में पहुंचा दिया गया है। 25 घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। लगभग 15,000 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाल लिया गया है। कोई भी तीर्थयात्री ट्रैक पर नहीं बचा है। देखें बचाव अभियान की ताजा तस्वीरें...
सेना के एक अधिकारी के अनुसार खोज और बचाव अभियान के लिए पर्वतीय बचाव दल, उच्च तकनीक वाले उपकरणों और खोजी कुत्तों के साथ गश्ती दल तैनात किए गए हैं।
210
शनिवार सुबह हवाई बचाव अभियान शुरू हुआ। सेना के हेलिकॉप्टरों से छह तीर्थयात्रियों को निकाला गया। बीएसएफ की एयर विंग के एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर को बचाव अभियान में लगाया गया है। जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने भी बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं।
310
आईटीबीपी ने जवान पवित्र गुफा के निचले हिस्से से पंजतरणी तक सड़क खोलने में जुटे हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक, विजय कुमार सुरक्षा बलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल द्वारा चलाए जा रहे बचाव कार्यों की निगरानी के लिए शनिवार सुबह पवित्र गुफा मंदिर पहुंचे थे।
410
विजय कुमार ने कहा कि बचावकर्मी जीवित बचे लोगों की तलाश के लिए मलबा हटा रहे हैं। प्रशासन हताहतों की सही संख्या जानने के लिए तीर्थयात्रियों के आंकड़ों की जांच कर रहा है। आतंकी खतरों के कारण इस बार हर तीर्थयात्री को एक रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान पत्र प्रदान किया गया है।
510
हादसे से बचने वालों में तेलंगाना के भाजपा विधायक टी राजा सिंह भी शामिल थे। हेलिकॉप्टर से अमरनाथ पहुंचे विधायक और उनके परिवार के सदस्यों ने मौसम बिगड़ने पर वापस लौटते समय टट्टुओं की सवारी करने का फैसला किया था।
610
टी राजा सिंह ने कहा कि हमने महसूस किया कि मौसम अचानक खराब हो रहा है। उस स्थिति में हेलीकॉप्टर सेवा रद्द कर दी जाएगी। इसलिए हमलोग टट्टू की सवारी के लिए बढ़े। उसी समय पहाड़ियों पर तेज बारिश हुई। बाढ़ में कई तंबू बह गए।
710
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस त्रासदी के बाद 30 जून से शुरू हुई वार्षिक तीर्थयात्रा को स्थगित कर दिया गया है। बचाव अभियान खत्म होने के बाद इसे फिर से शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
810
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के प्रवक्ता ने कहा कि बाढ़ के कारण पवित्र गुफा तीर्थ क्षेत्र के पास फंसे अधिकांश तीर्थयात्रियों को पंजतरणी स्थानांतरित कर दिया गया है। निकासी तड़के 3.38 बजे तक जारी रही। कोई भी तीर्थयात्री ट्रैक पर नहीं बचा है। लगभग 15,000 लोगों को अब तक सुरक्षित निकाल लिया गया है।
910
बीएसएफ के प्रवक्ता ने कहा कि अर्धसैनिक बल के मेडिकल स्टाफ ने बाढ़ में गंभीर रूप से घायल नौ मरीजों का इलाज किया। उन्हें कम ऊंचाई वाले नीलग्राथ आधार शिविर में पहुंचाया गया।
1010
तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए नीलग्रथ हेलीपैड पर बीएसएफ जवानों की एक टीम को तैनात किया गया है। शुक्रवार रात पंजतरणी में स्थापित बीएसएफ शिविर में करीब 150 तीर्थयात्री रुके थे। शनिवार सुबह 15 मरीजों को एयरलिफ्ट कर बालटाल पहुंचाया गया।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.