बेंगलुरु में एक महिला व्यवसायी ने आत्महत्या कर ली और 11 पन्नों के सुसाइड नोट में DSP कनकलक्ष्मी पर उत्पीड़न और रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। भोवी विकास निगम घोटाले में आरोपी महिला ने पुलिस द्वारा अपमानित किए जाने की बात भी लिखी है।

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक महिला व्यवसायी की आत्महत्या की सनसनीखेज खबर आई है। महिला व्यवसायी मरने से पहले 11 पेज का सुसाइड नोट छोड़ गई। उसने पुलिस उपाधीक्षक कनकलक्ष्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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मृतक महिला की पहचान 33 साल की एस जीवा के रूप में हुई है। उसने आरोप लगाया है कि महिला पुलिस अधिकारी कनकलक्ष्मी ने उसे सबके सामने अपमानित किया। उसे नग्न कर दिया। 25 लाख रुपए रिश्वत मांगी। बेंगलुरु पुलिस ने कनकलक्ष्मी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।

कर्नाटक भोवी विकास निगम घोटाले की आरोपी थी एस जीवा

एस जीवा कर्नाटक भोवी विकास निगम घोटाले की आरोपी थी। उसने पुलिस द्वारा पूछताछ, उत्पीड़न और कपड़े उतारे जाने के बाद आत्महत्या कर ली। एस जीवा अपने घर पर मृत पाई गईं। उन्होंने 11 पेज का एक नोट छोड़ा है। इसमें उन्होंने क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) के अधिकारी पर परेशान करने का आरोप लगाया है।

एस जीवा बेंगलुरु में लकड़ी की दुकान चलाती थी। वह वकील भी थी। 22 नवंबर को उसने आत्महत्या कर लिया। जीवा की बहन एस संगीता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस अधिकारी कनकलक्ष्मी को मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की दी थी अनुमति

एस जीवा कर्नाटक भोवी विकास निगम घोटाले के आरोपियों में से एक थी। इसमें नौकरी योजना के तहत भोवी समुदाय के सदस्यों को कर्ज देने के लिए तय पैसे के दुरुपयोग के आरोप लगे हैं। मामले की जांच सीआईडी कर रही है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने सीआईडी ​​को 14 नवंबर से 23 नवंबर के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एस जीवा से पूछताछ करने की अनुमति दी थी। सीआईडी ​​ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था।

14 नवंबर को एस जीवा सीआईडी ऑफिस में पेश हुईं। यहां पुलिस अधिकारियों ने उन्हें परेशान किया। कपड़े उतारे गए। उनसे पूछा गया कि क्या वह साइनाइड लेकर आईं हैं। आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने 25 लाख रुपए रिश्वत मांगी। अपने बचाव में जीवा ने डॉक्यूमेंट दिए उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने अगले कुछ दिनों तक जीवा का उत्पीड़न जारी रखा। पुलिस अधिकारी एस जीवा से मिलने उनकी दुकान पर गया। जीवा को उनके कर्मचारियों के सामने अपमानित किया गया।