कहीं तेल मालिश तो कहीं कबड्डी का मैच...यह धरना स्थल नहीं मिनी पंजाब है, जहां जिंदगी जीने के लिए सबकुछ है

Published : Jan 08, 2021, 11:58 AM IST

नई दिल्ली. कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों की सरकार से आठ दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकला। कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने पंजाब स्थित नानकसर सिख संप्रदाय के प्रमुखों में से एक धार्मिक नेता बाबा लाखा सिंह से मुलाकात की। बाबा लाखा सिंह चाहते थे कि वे किसान और सरकार के बीच मध्यस्थता करें, लेकिन किसान इसपर राजी नहीं हुए। इस बीच हम सिंघु बॉर्डर की कुछ तस्वीर दिखाते हैं, जिसमें दिख रहा है कि कहीं किसान मालिश करवा रहे हैं तो कहीं धरना स्थल पर कबड्डी का मैच हो रहा है।   

PREV
113
कहीं तेल मालिश तो कहीं कबड्डी का मैच...यह धरना स्थल नहीं मिनी पंजाब है, जहां जिंदगी जीने के लिए सबकुछ है
सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान जलेबी तैयार करते हुए किसान। यह तस्वीर बताती है कि किसान प्रदर्शन के दौरान खाने पीने की पूरी व्यवस्था करके आए हैं। ऐसे में सरकार के लिए काफी मुश्किल हो सकती है।
213
सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने पूरा इंतजाम किया है। विरोध प्रदर्शन के दौरान एक किसान अपने सहयोगी की मालिश करता हुआ।
313
कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल किसान आस-पास के गांव के बच्चों को पढ़ाते हुए। समय मिलने पर बीच-बीच में ये किसान बच्चों को पढ़ाने के लिए चले जाते हैं।
413
सिंघू बॉर्डर पर एक सामुदायिक रसोई में तैयार की जा रही रोटियां। दिल्ली-हरियाणा राज्य सीमा पर नए खेत कानूनों के विरोध में डेरा डाले हुए किसान।
513
किसानों और सरकार के बीच हो रही है लेकिन हर बार बातचीत फेल हो जाती है। किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए।
613
नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान सिंघू सीमा पर बारिश के दिन सामुदायिक रसोई में तैयार किया जा रहा भोजन। यहां पर लंगर के जरिए भी किसानों को खाना पहुंचाया जाता है।
713
विरोध प्रदर्शन के दौरान सिंघू सीमा पर बारिश के दौरान कबड्डी मैच का भी आयोजन किया गया। दरअसल, किसानों के साथ उनकी पत्नी और बच्चे भी आए हुए हैं। ऐसे में मनोरंजन के लिए समय समय पर धरना स्थल पर ही ऐसे खेल आयोजित करते रहते हैं।
813
किसानों की मांग है कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। हालांकि सरकार और किसानों के बीच आठ दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकला।
913
5 जनवरी की तस्वीर। सिंघू में दिल्ली-हरियाणा राज्य सीमा पर एक राजमार्ग को अवरुद्ध करते हुए केंद्र सरकार के हालिया कृषि सुधारों के विरोध में भाग लेते हुए किसान।
1013
सिंघु बॉर्डर पर कई ऐसे भी किसान दिखे जो शारीरिक रूप से अक्षम हैं, लेकिन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल हैं।
1113
दिल्ली में लगातार चार दिनों तक बारिश हुई। इसके बाद भी किसान धरना स्थल से हटे नहीं। वहीं पर प्लास्टिक के टेंट में डेरा डालकर कृषि कानूनों को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
1213
सिंघू (दिल्ली-हरियाणा सीमा) में विरोध प्रदर्शन के दौरान बारिश हुई। तब किसानों ने प्लास्टिक ओढ़कर खुद का बचाव किया।
1313
सिंघू (दिल्ली-हरियाणा सीमा) बॉर्डर पर किसान टेंट बनाकर रह रहे हैं। बारिश और उत्तर भारत में चल रही शीत लहर के बावजूद किसान मजबूती से टिके हैं।

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories