Published : Jan 20, 2020, 01:32 PM ISTUpdated : Jan 20, 2020, 01:33 PM IST
होशियारपुर. पंजाब की माटी के वीर सपूत सेना के जवान बलजिंद्र सिंह का सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी और सरकारी फौजी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जहां उनके जुड़वा बेटों ने नम आंखों से अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। शहीद की पत्नी प्रदीप कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। वो कभी रोती तो कभी सिसकते हुए अपने बच्चों को चुप कराती। बता दें कि बलजिंद्र सिंह लद्दाख से 400 किलोमीटर दूर थिओसे ग्लेशियर पर 17 जनवरी को अचानक ड्यूटी दौरान बीमार हो गए थे। जिसके बाद वो ड्यूटी करत-करते शहीद हो गए।
बता दें कि हवलदार बलजिंद्र सिंह अकेले ही घर में कामने वाले थे। उनके पिता गुरबचन सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। उनके घर में अब मां कुंती देवी, पत्नी प्रदीप कौर और चार वर्षीय दो जुड़वां बेटे विहान प्रीत और मानव प्रीत हैं।
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बता दें कि शहीद हवलदार बलजिंद्र सिंह का पार्थिव शरीर रविवार को उनके घर लाया गया तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। हर कोई अपने वीर सपूत की एक झलक देखना चाहता था।
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जब शहीद को मासूम बेटों ने मुखाग्नि दी तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। पत्नी और मां विलाप से सभी का कलेजा फट रहा था। सब यही कह रहे थे इन छोटे बच्चों की खुशियों की किसकी नजर लग गई। जो कल तक खिल-खिलाते थे, अब उनकी आंखों में आंसू हैं।
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शहीद को सलामी के लिए मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार विधायक संगत सिंह गिलजियां और अन्य कई अफसर पहुंचे थे। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने शहीद के परिवार को 12 लाख को एक्सग्रेशिया ग्रांट और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है।
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शहीद बलजिंद्र सिंह की फाइल फोटो।
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