Published : May 24, 2020, 05:30 PM ISTUpdated : May 24, 2020, 05:47 PM IST
श्रीगंगानगर(राजस्थान). कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन का सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है। उनका रोजगार पूरी तरह छिन चुका है, आलम यह है कि उनके पास ना तो पैसे हैं और न ही राशन। राजस्थान से ऐसी ही एक मार्मीक कहानी सामने आई है। जहां एक श्रमिक पिता के पास इतने भी पैसे नहीं थे कि वह अपने बेटे का जन्मदिन पर एक टॉफी दिला सके।
दरअसल, यह मामला श्रीगंगानगर शहर का है, जहां के मजदूर बजरंग के तीन साल के बेटे मोहित का शनिवार को जन्मदिन था। वह दो महीने से घर बैठा है, उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह बेटे को चॉकलेट खिला सके। इस बात को जानकारी जब एरिया की आशा कार्यकर्ता रवीना रानी को लगी तो उसने इलाके के बीट प्रभारी ईश्वर सिंह को मजदूर परिवार के दुखद कहनी बताई। इसके बाद थाना प्रभारी अल्का बिश्नोई अपनी टीम के साथ केक लेकर मजदूर के घर पहुंची और बच्चे का जन्मदिन मनाया।
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पुलिस की इस पहल से मजदूर का पूरा परिवार खुश हुआ हो गया। इतना ही नही पूरी कॉलोनी के लोगों ने पुलिस के इस प्रयास की खूब सराहना की। वहीं एसएचओ ने बर्थडे बॉय मोहित को एक अच्छा इंसान बनने का आशीर्वाद दिया। सब्जी का ठेले लगाने वाले बच्चे के दादा वेदप्रकाश और मां गीता बर्थडे सेलिब्रेशन देखकर भावुक हो गए और कहने लगे इस बर्थडे को हम जिंदगीभर नहीं भलेंगे। उन्होंने कहा इस संकट के समय पुलिस किसी मसीहा से कम नहीं है।
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यह तस्वीर राजस्थान की राजधानी जयपुर की है, जहां पुलिसवालों ने जरुरतमंदों को नए कपड़े और चप्पल दी।
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पुलिस की ऐसी जिंदादिली एक तस्वीर मुंबई से सामने आई है। मुंबई में रेलवे स्टेशन के बाहर एक बुजुर्ग महिला को सहारा देते हुए पुलिसकर्मी।
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यह तस्वीर यूपी के भदोही की है, जहां पुलिसवाले गरीबों और बेसाहारा लोगों के लिए खाना बांट रही है।
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