Published : Nov 05, 2019, 12:50 PM ISTUpdated : Nov 05, 2019, 12:56 PM IST
अजमेर. राजस्थान के पुष्कर में हर साल की तरह लगने वाले अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेले की सोमवार को शरुआत हो गई। मेले का शुभारंभ जिले के कलेक्टर विश्व मोहन शर्मा ने पूजा-अर्चना करने के बाद किया। मेले के दूसरे दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी पहुंचे। वह सभी यहां राजस्थानी भेष-भूषा में नजर आए। इन सैलानियों ने ऊंट पर सावारी करने के बाद उनके साथ सेल्फी भी ली।
इस मेले के देखने के लिए अमेरिका-इंग्लैंड से लेकर जापान और जर्मनी से भी विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। यह सैलानी यहां पहुंचते ही राजस्थानी कल्चर में ऐसे रगं जाते हैं कि इनको पहचानना तक मुश्किल हो जाता है। मेले मे विदेशी लेडीज की अलग ही स्टाइल होती है। कई लोग इनकी भेष-भूषा के दीवाने हो जाते हैं।
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इस मेले को देखने के लिए देश-विदेश सैलानी पहुंचते हैं। विदेशी पर्यटकों के लिए पुष्कर मेले में रेतीले धोरे, नाग पहाड़, गुलाब के फूलों के बाग, कैमल और डेजर्ट सफारी, लोकगीत और लोकनृत्य विदेशी पर्यटकों को बहुत आकर्षित करते हैं।
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दरअसल, विदेशी पर्यटकों का इस मेले में पहुंचने के पीछे के कई कारण हैं। इस दौरान उनको पुष्कर में सनातन संस्कृति और हिंदू धर्म को समझने का मौका मिलता है। कई विदेशी यहां शोध करने भी आते हैं।
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मेले के पहले दिन गांववालों और विदेशी पर्यटकों के बीच चक दे राजस्थान फुटबॉल मैच खेला गया। इस मैच को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मौजूद थे।
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पुष्कर खात तौर पर पशु मेले के लिए जाना जाता है। सोमवार के दिन से ही यहां पशुओं की मंडी सज कर तैयार हो गई। रेतीले धोरों में ऊंटों का बाजार सजा गया है। वहीं दूसरी तरफ घोड़े की मंडी सजी है। बता दें क अब तक मेले में करीब विभिन्न प्रजाति के पांच हजार पशु पहुंच गए हैं।
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बता दें कि पुष्कर का यह अंतरराष्ट्रीय मेला 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले महास्नान के साथ समाप्त हो जाएगा।
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