सरोज ने बताया कि 15000 फीट ऊंचाई ज्यादा स्काईडाइव करने पर उन्हें प्लेन में ऑक्सीजन की जरूरत रहती है। ऑक्सीजन लेने के बाद इतनी ऊंचाई से स्काईडाइव की जा सकती है। सरोज ने बताया कि यदि किसी कारण से उन्हें समुद्र में लैंड करना पड़े तो उसके लिए भी उन्हें बी कैटेगरी के कोर्स में ट्रेनिंग दी गई है। सरोज ने बताया कि कोर्स तभी पूरा होता है जब आप डाइव के दौरान 90 डिग्री, 180 डिग्री, 360 डिग्री, राइट टर्न और लेफ्ट टर्न जैसे मेन्यूवर पूरे करते हो। साथ ही ट्रेनिंग में 4000, 5000 और 3000 फीट की अलग-अलग ऊंचाई पर अपना पैराशूट खोलना होता है। साथ ही डाइव करने के बाद 10 सेकंड में 1000 फीट नीचे, उसके बाद हर 5 सेकंड में 1000 फीट नीचे आना होता है। टाइप करने के बाद पैराशूट खोलने के समय के बीच 55 सेकंड से 60 सेकंड का अंतर होना चाहिए। सरोज ने बताया कि ए कैटेगरी का कोर्स पूरा होने के बाद उसने अपने साथियों के साथ 2 वे, 3 वे, 4 वे, 5 वे जंप भी किए। जिसमें सभी एक साथ एक दूसरे को पकड़े हुए रहते थे। इन्हें फन जंप भी कहते हैं।