Bharatpur Court Decision :राजस्थान के भरतपुर जिला कोर्ट ने आज 11 फरवरी बुधवार को बड़ा फैसला सुनाया। एक दशक यानि 10 साल पुराने हत्या के मामले में 23 लोगों को दोषी ठहराया है। जिसमें 12 को उम्रकैद और 11 को 7-7 साल की सजा सुनाई गई है।
भरतपुर अपर जिला एवं सेशन न्यायालय कोर्ट ने आज 10 साल पुराने बहुचर्चित मर्डर और मारपीट मामले में बड़ा फैसाल सुनाया है। कोर्ट ने 23 लोगों को दोषी ठहराया है। जिसमें 12 को तो आजीवन कारावास तो वहीं 11 को 7-7 साल की सजा का ऐलान किया है। वहीं इस मामले में जिन तीन लोगों की मौत हो चुकी है, अदालत ने उनको भी दोषी करार दिया है।
यह मामला 16 अगस्त 2015 का
दरअसल, यह मामला 16 अगस्त 2015 का है। जहां भरतपुर जिले के चिकसाना थाना क्षेत्र के पीपला गांव में चुनावों को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। देखते ही देखते दोनों गुटों का यह विवाद मारपीट और खूनी संघर्ष में बदल गया। मारपीट के दौरान सौदान सिंह ने राकेश को गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कई लोग घायल भी हो गए।
पुलिस ने 54 लोगों के खिलाफ दर्ज की थी FIR
बता दें कि घटना के अगले दिन यानि 16 अगस्त को पीड़ित पक्ष ने चिकसाना थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 54 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर सभी लोगों को गिरफ्तार किया गया । वहीं मारपीट के मामले में दूसरे पक्ष के 15 लोगों को भी आरोपी माना था। इन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर उन्हें अदालत में पेश किया। लेकिन तभी सुनवाई के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। अब करीब एक दशक तक चली सुनवाई के बाद आए इस फैसले में 23 लोगों को दोषी माना गया है।
भरतपुर कोर्ट ने इन 11 लोगों को माना आरोपी
- तेजपाल
- अटल बिहारी
- तेजसिंह,
- टीकम
- दयाचंद
- रघुवीर
- प्रभु
- वीरेंद्र
- चरण सिंह
- दिनेश और नरेंद्र शामिल हैं।


