ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाले दो भाईयों की कहानी: एक लोगों का दर्द बताते-बताते रो पड़ा, दूसरा दो दिन से सोया नहीं

Published : Apr 23, 2021, 12:15 PM ISTUpdated : Apr 23, 2021, 12:43 PM IST

देश में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ी है। ऑक्सीजन प्लांट में काम करने वाले वर्कर्स जहां आम दिनों में 6 से 8 घंटे काम करते थे वे अब 15-15 घंटे काम कर रहे हैं। दो-दो दिनों तक सो नहीं पा रहे हैं। ऐसा कहना है यूपी के आजमगढ़ जिले में आरएस गैसेज के एमडी अतुल कुमार का। ऑक्सीजन की बढ़ती डिमांड के बीच Asianet News Hindi ने आरएस गैसेज के मालिक आनंद कुमार और एमडी अतुल कुमार से बात की और जानना चाहा कि कोरोना लहर में ऑक्सीजन सिलेंडर की डिमांड कितनी बढ़ी है और किस तरह से डिमांड को पूरा कर रहे हैं?  

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ऑक्सीजन प्लांट चलाने वाले दो भाईयों की कहानी: एक लोगों का दर्द बताते-बताते रो पड़ा, दूसरा दो दिन से सोया नहीं

10 गुना तक बढ़ गई सप्लाई : आनंद कुमार
आरएस गैसेज के मालिक आनंद कुमार ने कहा कि आम दिनों की तुलना में कोरोना में ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई 10 गुना तक बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि आजमगढ़ में उनका ही इकलौता प्लांट है जो जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल को ऑक्सीजन की सप्लाई करता है। 
 

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बोलते-बोलते रो पड़े आनंद कुमार
कोविड मरीजों का दर्द बताते हुए आनंद कुमार बोलते-बोलते रो पड़े। उन्होंने कहा, दिनभर खून के आंसू पीकर रह जाता हूं। लोग आते हैं, कहते हैं सिलेंडर चाहिए। आकर लोग रोते हैं। लेकिन सिलेंडर ही नहीं है। कहां से दें। अंदर से आत्मा एकदम दुखी हो गई है। भोलेबाबा के आशीर्वाद से ये काम कर रहा हूं लेकिन चाह कर भी लोगों की मदद नहीं कर पा रहा हूं।
 

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अतुल कुमार ने कहा- दो दिन से सोया नहीं
प्लांट के एमडी अतुल कुमार ने कहा कि ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई के सिलसिले में रात में 12-12 तक हॉस्पिटल जाना पड़ता है। हॉस्पिटल से निकले तो प्लांट पर आ गए। लगातार दो दिनों से सो नहीं पाया हूं। यहां दिन भर एंबुलेंस और गाड़ियां आती रहती हैं। प्रशासन के हिसाब से तय हॉस्पिटल को गैसे की सप्लाई की जा रही है। हम चाह कर भी सभी को सिलेंडर नहीं दे पा रहे हैं। एक जगह से कटौती करके दूसरे को देते हैं। जबकि जरूरी तो सभी को है, लेकिन हम क्या करें। मजबूर हैं।

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15-15 घंटे काम कर रहे हैं कर्मचारी : अतुल कुमार
ऑक्सीजन प्लांट के एमडी अतुल कुमार ने कहा कि मांग इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि मैनपावर की दिक्कत आ रही है। प्लांट पर जो लोग 6 से 8 घंटे काम करते थे, वे 15-15 घंटे काम कर रहे हैं। फिर भी काम खत्म नहीं हो रहा है। पहले कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई होती थी, लेकिन प्रशासन के आदेश के बाद उसे बंद कर दिया है। सिर्फ मेडिकल सप्लाई दी जा रही है। 

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अभी लगभग 400 सिलेंडर की सप्लाई हो रही : आनंद कुमार
आनंद कुमार ने कहा कि हॉस्पिटल में मांग इतनी ज्यादा है कि सप्लाई करना मुश्किल हो जा रहा है। अभी हर दिन 4 से 5 सौ ऑक्सीजन सिलेंडर सप्लाई किया जा रहा है, जबकि मांग एक हजार से ज्यादा है। आजमगढ़ के पीजीआई में भी सप्लाई कर रहे हैं कि लेकिन वहां और ज्यादा मांग है, इसलिए वे बाहर से भी मंगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमारा लिक्विड प्लांट है, प्रोडक्शन नहीं होता है। जैसे-जैसे ऑक्सीजन का लिक्विड टैंकर हमारे पास आता है हम रिफिल करके सप्लाई करते जाते हैं।

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टैंकर के ड्राइवर्स को लगातार किया जा रहा है ट्रैक
आरएस गैसेज को ऑक्सीजन की सप्लाई मुरादाबाद की कंपनी कलिंगा एयर प्रोडक्ट्स से होती है। कलिंगा एयर प्रोडक्ट्स में काम करने वाले आरएस कुमार से बात करने पर उन्होंने बताया कि उनके यहां ऑक्सीजन की ऐसी मांग है कि टैंकर में दो से तीन ड्राइवर मौजूद होते हैं। एक ड्राइवर सोता है तो दूसरा टैंकर चलाता है। यानी टैंकर को बिना रोके लगातार ड्राइव किया जा रहा है। जहां-जहां से टैंकर गुजरने वाला है उस जिले के प्रशासनिक अधिकारी को टैंकर ड्राइवर का फोन नंबर दे दिया जाता है, जिससे की टैंकर को लगातार ट्रैक किया जा सके। इसके अलावा कहीं ट्रैफिक में फंसने पर टैंकर को तुरन्त निकाला जा सके।
 

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