Published : Jun 30, 2021, 11:01 AM ISTUpdated : Jun 30, 2021, 11:53 AM IST
नई दिल्ली. कोरोना की तीसरी लहर में अल्फा और डेल्टा वेरिएंट पर कौन सी वैक्सीन असर करेगी और कौन सी नहीं? सभी के मन में ये सवाल हैं। जवाब अमेरिका में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) ने दिया है। उन्होंने पाया कि भारत बायोटेक की COVAXIN वैक्सीन COVID-19 के अल्फा और डेल्टा दोनों वेरिएंट पर असर करता है।
वैक्सीन डेल्टा-अल्फा पर कैसे काम करती है ?
टॉप हेल्थ रिसर्च संस्थान ने कहा कि कोवैक्सीन अत्यधिक प्रभावी है, जिसे भारत सहित दूसरी जगहों पर अब तक लगभग 25 मिलियन लोग ले चुके हैं। एनआईएच ने अपने एक बयान में कहा, कोवैक्सीन लेने वाले लोगों के ब्लड सीरम के दो रिसर्च के नतीजे बताते हैं कि ये वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती है, जो कोविड के अल्फा और डेल्टा वेरिएंट को बेअसर कर देती है।
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एनआईएच ने कहा कि COVAXIN में इस्तेमाल होने वाले एडजुवेंट को बायोटेक कंपनी विरोवैक्स एलएलसी ऑफ लॉरेंस की लैब में टेस्ट किया गया।
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एडजुवेंट में अलहाइड्रोजेल के लिए एक अनोखे तरीके से जुड़ा एक छोटा मॉलीक्यूलर होता है। ये वैक्सीन में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला सब्सटेंस है।
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अल्फा वेरिएंट सबसे पहले यूके और डेल्टा वेरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था। वैक्सीन बनाने वाले लोगों ने तीसरे चरण का एक डेटा सौंपा है, जिसमें कोवैक्सीन कोरोना के हल्के-मध्यम लक्षण वाले मामलों पर 78% और गंभीर पर 100% कारगर है।
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वैक्सीन के दूसरे चरण के नतीजे बताते हैं कि यह सुरक्षित है। बता दें कि भारत में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू हुआ है। अभी कोविशील्ड और कोवैक्सीन लग रही है। अप्रैल में रूस की स्पूतनिक को भी मंजूरी मिल चुकी है। वहीं अमेरिका की मॉर्डर्ना को भी मंजूरी मिल गई है।
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