कहीं 3 बच्चों की मां ने उठाई बंदूक, तो कहीं टीचर बना सैनिक, इस तरह अपने देश की रक्षा कर रहे यूक्रेनी नागिरक

Published : Mar 02, 2022, 09:31 AM IST

ट्रेंडिंग डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia Ukraine War) बुधवार को लगातार सातवें दिन भी जारी है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव (Kyiv) पर कब्जा करने लगातार बमबारी कर रही है। वहीं खार्किव भी भीषण युद्ध जारी है। इस बीच कई यूक्रेनी नागरिकों ने अपने देश की सुरक्षा के लिए बंदूके उठा ली है और और जंग के मैदान में उतर गए हैं। आइए आज हम आपको मिलवाते हैं, ऐसे ही सच्चे देश प्रेमियों से जिन्होंने अपने देश की खातिर अपने प्रोफेशन को छोड़ सेना का साथ देने का फैसला किया...

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कहीं 3 बच्चों की मां ने उठाई बंदूक, तो कहीं टीचर बना सैनिक, इस तरह अपने देश की रक्षा कर रहे यूक्रेनी नागिरक

3 बच्चों की मां ने उठाई बंदूक
कीव की रहने वाली 52 साल की मरियाना झागलो एक मार्केटिंग एनालिस्ट और तीन बच्चों की मां हैं। वह उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने हाल ही में अपने देश के लिए यूक्रेनी निर्मित राइफल जब्रोयार जेड -15 खरीदी है। झागलो का कहना है कि वह अपने जन्मस्थान कीव की रक्षा करने की इच्छा से एक सेना का साथ दे रही हैं। उन्होंने कहा कि "मेरी प्रेरणा मेरा परिवार, मेरा शहर और मेरा देश है।"

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कैसे नागरिक ज्वाइन कर रहे सेना
झागलो जैसी नागरिक इकाई में शामिल होने की प्रक्रिया केवल स्वयंसेवा करने जैसी सरल नहीं है। यदि कोई व्यक्ति रुचि रखता है, तो वे पहले एक ट्रेनिंग सेशन में भाग ले सकते हैं। इस दौरान उन्हें एक हेल्थ और मेंटल टेस्ट से गुजरना होगा और कई दस्तावेजों की प्रतियां देनी होगी, फिर एक रिजर्व सैनिक बनने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करना होगा। स्वयंसेवक के शपथ ग्रहण से पहले प्रक्रिया में दो से तीन सप्ताह लग सकते हैं।

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टीचर बना वॉरियर
45 वर्षीय बोरिस चेरकास रूस-यूक्रेन युद्ध से बहुत पहले इस प्रक्रिया को पार कर लिया था और 2017 में उन्होंने एक रिजर्व सैनिक के रूप में स्वेच्छा से काम किया। अब वह अपनी स्थानीय प्रादेशिक रक्षा इकाई के जूनियर लेफ्टिनेंट बनने के लिए परीक्षा की तैयारी कर रहे है। चेरकास  यूक्रेन के नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज में एक शोधकर्ता के रूप में काम करता है, और कीव के उपनगरीय इलाके में एक स्कूल में टीचर है।

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68 साल के बुजुर्ग ने उठाएं हथियार
68 वर्षीय यूरी बॉयको एक सेवानिवृत्त सेना कर्नल हैं। उन्होंने 1970 में सोवियत सेना में अपनी सैन्य सेवा शुरू की थी और 80 के दशक में ईरान-इराक युद्ध के दौरान एक सलाहकार के रूप में सोवियत सैन्य भागीदारी में भाग लिया और सोवियत संघ के पतन के बाद यूक्रेनी सेना में अपना करियर समाप्त किया। अपनी सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने इंफॉर्मेशन टेक्नॉलजी की खुद की फर्म शुरू की। लेकिन अब उन्होंने रूस से अपनी देश की रक्षा के लिए एक बार फिर हथियार उठा लिए हैं।
 

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ओलंपिक चैंपियन बना रिजर्व सैनिक
दो बार के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुक्केबाज वासिली लोमाचेंको भी रूसी आक्रमण के बाद यूक्रेनी सेना में शामिल हो गए हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें वह एक सैन्य वर्दी पहने हुए दिखाई दे रहे हैं।

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अन्य तस्वीरें
तस्वीरों में देखें किस तरह से यूक्रेन के अन्य नागरिक अपने परिवार और देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति देने को भी तैयार है। देखें किस तरह से ये महिला एक सैनिक के साथ वॉर जोन में बंदूक लेकर खड़ी नजर आ रही है।

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7 दिन से लगातार यूक्रेन और रूस के बीच जंग जारी है। इसकी शुरुआत 24 फरवरी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के देश में एक सैन्य अभियान शुरू करने के बाद हुई थी। इस जंग की वजह से अबतक हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग अपने घरों को छोड़कर जाना पड़ रहा है।

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