हाथरस गैंगरेप: अपने ही घर नहीं जा पा रहे गांववाले, चप्पे-चप्पे पर पुलिस..तस्वीरों में देखिए किलेबंदी

Published : Oct 02, 2020, 12:58 PM ISTUpdated : Oct 02, 2020, 01:01 PM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश हाथरस गैंगरेप घटना की पीड़िता अब इस दुनिया में नहीं रही, लेकिन उसके लिए इंसाफ की मांग पूरे देश में उठ रही है। देशभर में प्रदर्शन हो रहा है, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लेकर दिल्ली तक योगी सरकार के खिलाफ तमाम राजनीतिक दल और लोग नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता के गांव को  छावनी बना रखा है, परिंदा भी पर न मार पाए इसके लिए पुलिस की जबर्दस्त किलेबंदी है। जहां ना तो कई बाहर से अंदर जा पा रहा है और ना ही अंदर से बाहर आ सकता है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। यहां तक की ग्रामीणों को आईडी प्रूफ दिखाने पर उनके घर में एंट्री दी जा रही है।

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हाथरस गैंगरेप: अपने ही घर नहीं जा पा रहे गांववाले, चप्पे-चप्पे पर पुलिस..तस्वीरों में देखिए किलेबंदी

घटना के बाद से ही पीड़िता का परिवार डर-सहमा सा है। जहां सरकारी अफसर परिवारवालों को धमकी दे रहे हैं। वहीं इसी बीच पीड़िता के भाई ने रात को छिपकर मीडिया वालों को फोन कर अपना दर्द बयां किया। कहा-हमारे घरवालों को पुलिस ने नजरबंद कर रखा है। घर से बाहर  झांकने तक नहीं दे रहे, यहां तक की हमको बाथरूम तक नहीं जाने देते। ना कोई घर में आ पा रहा और ना ही बाहर जाने दे रहे हैं। 

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 पीड़ित के परिवार पर स्थानी प्रशासन का दवाब बना रहा है। बच्ची के पिता ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हमे पुलिस पर कोई भरोसा नहीं है। वह हमको ना तो गांव के लोगों से मिलने दे रही है और ना ही मीडिया से कोई बात करने दे रही है।

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गांव के बाहर रस्साकस्सी का माहौल है। पीड़िता के परिवार से मिलने जा रहे टीएमसी सांसदों को पुलिस ने गांव के बाहर रोक दिया गया। इस दौरान टीएमसी के सांसदों और पुलिसकर्मियों में धक्कामुक्की भी हुई। 
वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं

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पुलिस ने गांव के मेन रास्ते पर बैरिकेडिंग लगा रखी है और खेत के रास्ते भी बंद कर रखे हैं। ताकि कोई अंदर नहीं जा सके।

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चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। मीडिया को गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर ही रोका गया है। यहां तक की गांव की छोटी-मोटी गली में भी पुलिस तैनात है।

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यह तस्वीर पीड़िता के गांव की है, जहां ग्रामीणों को अपने ही घर में जाने के लिए आईडी प्रूफ दिखाना पड़ रहा है।

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यह तस्वीर पीड़ित परिवार की है। जहां घर के सभी लोगों को इस तरह से मकान में कैद कर रखा है। पीड़ित की मां की रो-रो कर आंखें लाल हो गई हैं। गला बैठ गया है। पीड़िता की भाभी ने बताया, 'डीएम साहब हमारे घर दो घंटा बैठे रहे और डराते धमकाते रहे। 
 

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