हटके डेस्क: ऑनलाइन शॉपिंग की वजह से लोगों की जिंदगी काफी आसान हो गई है। खासकर कोरोना काल में। जब लोग वायरस की वजह से घर में बंद रहने को मजबूर थे और जरुरत की चीजों के लिए उन्हें ऑनलाइन ऑर्डर करना पड़ रहा था। हमारे पास ऑनलाइन ऑर्डर ऑप्शंस मौजूद हैं। इसमें एमाजॉन को बेहतरीन माना जाता है। लोग ऑनलाइन शॉपिंग से पहले उस प्रोडक्ट की रेटिंग और रिव्युस जरूर देखते हैं। इससे लोगों को फायदा ये होता है कि जो पहले से उस प्रोडक्ट को खरीद चुका है, उसका एक्सपीरियंस लोगों को पता चलता है, जिससे लोगों को उसे खरीदने का फैसला करने में मदद मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं, इन रिव्युस में भी चीन फर्जीवाड़ा करवा रहा है? जी हां, चीनी कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स पर झूठे रिव्यूस के जरिये लोगों को उल्लू बना रही है। साथ ही इन रिव्यूवर्स को अच्छा ख़ासा पेमेंट भी कर रही है। आइये आपको बताते हैं कैसे हुए इस फर्जीवाड़े का खुलासा....
एमाजॉन जैसे ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर हर प्रोडक्ट के साथ उसके रिव्युस आते हैं। ये रिव्युस और रेटिंग्स उस प्रोडक्ट को खरीद कर इस्तेमाल कर रहे लोग देते हैं। कई लोग इन्हें पढ़कर ही प्रोडक्ट को खरीदने का फैसला करते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो ये खबर आपके लिए हैं।
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हाल ही में एमाजॉन का एक टॉप रिव्यूवर पुलिस की गिरफ्त में आया। फाइनेंशियल टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, ये शख्स तीन महीने में फर्जी रिव्युस के जरिये करीब 19 लाख रूपये कमा चुका था।
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शख्स की पहचान जस्टिन फ्रायर नाम से हुई। ये शख्स यूके के एमाजॉन का नंबर 1 रिव्यूवर है। उसने अगस्त महीने में साइट से 14 लाख का सामान ख़रीदा और उसे रेटिंग दी। जब जांच की गई तो पता चला कि उसने हर 4 घंटे में एक प्रोडक्ट की रेटिंग की थी। इसके बाद ही उसपर शक की सुइयां घूमी थी।
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14 लाख के ख़रीदे सामान को जस्टिन ने 19 लाख में बेच दिया। इस शख्स को ऐसा करने के बदले चीनी कंपनियां पैसे देती थी। जब शख्स पकड़ा गया, तब खुलासा हुआ कि लोगों को उल्लू बनाने का ये तरीका सालों से चलता आ रहा है। इसके जरिये कई लोग अब तक मालामाल हो चुके हैं।
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अब आप सोच रहे होंगे कि ये काम कैसे करता है? दरअसल, चीनी कंपनियां इन टॉप रिव्यूवर्स से कांटेक्ट करती थी। इसके बाद उनमें डील होती, जिसके बाद शख्स एमाजॉन से उस कंपनी का प्रोडक्ट खरीदता था। डिलीवरी के बाद वो उस प्रोडक्ट को 5 स्टार की रेटिंग देता और उसकी तारीफ में काफी कुछ लिखता।
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इसके बाद कंपनी इन रिव्यूवर्स को फुल रिफंड कर देती थी। साथ ही ख़रीदे हुए सामान को शख्स ई-बे नाम की दूसरी साइट पर बेच कर पैसे कमा लेता था। इसका पूरा नेटवर्क सालों से काम कर रहा था।
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चीनी कंपनियां इन रिव्यूवर्स को और भी कई तोहफे देती थी। जब पुलिस ने इस शख्स को अरेस्ट किया तब जाकर इस गैंग का पर्दाफाश हुआ। तो अब अगली बार से ऑनलाइन सामान खरीदने से पहले बेहद सावधानी बरतें। रिव्यूज के जरिये भी लोगों को उल्लू बनाया जाता है।
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