अफगानिस्तान में तालिबान शासन का महिलाओं पर कहर जारी: अब वीमेन मिनिस्ट्री खत्म, महिलाओं की नौकरियां छीनी

Published : Sep 17, 2021, 10:47 PM IST

काबुल। अफगानिस्तान में तालिबान का शासन होते ही महिलाओं की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। अब अधिकारिक रूप से तालिबान शासन ने सरकार में वीमेन मिनिस्ट्री को खत्म कर दिया है। तालिबान शासन में महिलाओं का मंत्रालय नहीं होगा। राजधानी काबुल में वीमेन मिनिस्ट्री का साइन बोर्ड बदल दिया गया है। यहां काम करने वाली महिला कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बिल्डिंग में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।  महिला मंत्रालय की बिल्डिंग पर ‘मिनिस्ट्रीज ऑफ प्रेयर एंड गाइडेंस एंड द प्रमोशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस’का बोर्ड लगा दिया गया है। इस मंत्रालय में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को आने से रोक दिया गया है। उनका प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।

PREV
16
अफगानिस्तान में तालिबान शासन का महिलाओं पर कहर जारी: अब वीमेन मिनिस्ट्री खत्म, महिलाओं की नौकरियां छीनी

वीमेन मिनिस्ट्री खत्म करने और महिला कर्मचारियों को काम से निकाले जाने से उन घरों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है जहां घर की कमाऊ सदस्य महिला ही है। हजारों घरों में अब रोजी रोटी का संकट पैदा होने लगा है। आने वाले भविष्य में भी ऐसे घरों में हाहाकार मचने की आशंका जताई जा रही है। 

 

26

कुछ दिनों पहले ही तालिबान के प्रवक्ता सैयद जकीरूल्लाह हाशमी ने महिला अधिकारों की मांग को लेकर कहा है कि महिलाएं घर पर रहकर बच्चा पैदा करें। कैबिनेट में उनके लिए कोई जगह नहीं है। महिलाओं को मंत्री नहीं बनाया जा सकता है, उनको घर पर रहकर बच्चा ही पैदा करना चाहिए। 

 

36

नौकरी की उम्मीद खत्म होते देख एक महिला ने हताशा में कहा कि मैं अपने घर की एकमात्र कमाने वाली सदस्य हूं। 
 

 

46

अफगानिस्तान की हालिया रिपोर्ट बताती है कि जहां भी तालिबान पहुंचा वहां की महिलाओं की जिंदगी नर्क सी बना दी है। महिलाओं और लड़कियों की ऐसी हालत है कि वे पैर की उंगलियों को भी खुला नहीं छोड़ सकती है। 

 

56

1997 से 2001 तक अफगानिस्तान में तालिबान आतंकवाद के शुरुआती दिनों में, महिलाओं के पास सख्त कानून थे, और तालिबान ने दावा किया कि मुस्लिम शरिया कानून के तहत महिला के लिए विशेष नियम थे।

 

66

दरअसल, 15 अगस्त को तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान की सत्ता पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। इसके पहले यहां के राष्ट्रपति अशरफ गनी रातों रात भाग गए थे। आलम यह कि राष्ट्रपति के बाद यहां के तमाम बड़े नेता, मंत्री, अधिकारी पलायन कर गए थे। 

यह भी पढ़ें:

पीएम मोदी के जन्मदिन पर ई-ऑक्शन: सुहास एलवाई के बैडमिंटन की बोली दस करोड़ रुपये, नीरज चोपड़ा का जेवलिन 1.80 करोड़ तो राममंदिर मॉडल 10 लाख रुपये

यूपी विधानसभा चुनाव 2022: कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी का किया ऐलान, जितेंद्र सिंह बनाए गए चेयरमैन

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories