कोरोना के आगे हारी दुनिया लेकिन इस छोटे से देश ने जीती जंग, ऐसे दी खतरनाक वायरस को मात

Published : Jun 08, 2020, 03:25 PM ISTUpdated : Jun 08, 2020, 03:38 PM IST

वेलिंगटन.  दुनिया में जारी कोरोना के कहर के बीच न्यूजीलैंड से एक राहत भरी खबर सामने आई है। न्यूजीलैंड ने कोरोना वायरस पर जीत हासिल कर ली है। जिसके बाद अब आज आधी रात से लॉकडाउन को पूरी को तरह से हटा दिया जाएगा। सोमवार को न्‍यूजीलैंड में कोरोना वायरस के आखिरी एक्टिव केस के ठीक होने के बाद अब अधिकारियों ने यह फैसला ल‍िया है। स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों ने बताया कि पिछले 17 दिन में कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है।

PREV
116
कोरोना के आगे हारी दुनिया लेकिन इस छोटे से देश ने जीती जंग, ऐसे दी खतरनाक वायरस को मात

शादी, अंतिम संस्कार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट से हटेगी पाबंदी
न्‍यूजीलैंड में एक महिला आखिरी कोरोना वायरस मरीज थीं लेकिन उनमें भी पिछले 48 घंटे से कोई लक्षण सामने नहीं आया है। महिला मरीज आकलैंड के एक अस्‍पताल में भर्ती है। 
 

216

प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डेन ने ऐलान किया है कि उनका देश लेवल-1 अलर्ट से आगे बढ़ेगा। सोमवार आधी रात से शादियों, अंतिम संस्‍कार और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बिना किसी पाबंदी के शुरू किया जाएगा।

316

अगले सप्ताह घोषित होगा कोरोना फ्री देश 
न्‍यूजीलैंड में यदि अब एक भी कोरोना के केस नहीं आते हैं तो अगले सप्‍ताह देश को कोरोना वायरस से मुक्‍त घोषित कर दिया जाएगा। करीब 50 लाख की आबादी वाले इस देश में कुल 1504 लोग कोरोना की चपेट में आए थे और 22 लोगों की मौत हुई थी।
 

416

अभी नहीं खोली जाएंगी सीमाएं
सरकार ने लॉकडाउन को खत्म करने का ऐलान किया है। हालांकि दुनिया में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए न्यूजीलैंड की सरकार ने अभी बॉर्डरों को खोलने की अनुमति नहीं दी है।

516

प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने मीडिया से बात करते हुए कहा-देश में अब कोी एक्टिव केस नहीं है। हम बाकी पाबंदियां हटाने जा रहे हैं। इसके साथ ही लोगों को उन्होंने शुक्रिया भी अदा किया, जिन्होंने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेंन करने में काफी मदद की। 

616

75 दिन के सख्त लॉकडाउन में मिली कामयाबी 
न्यूजीलैंड की सरकार ने देश में कोरोना के संक्रमण को देखते हुए 25 मार्च को देश में लॉकडाउन लागू किया था। जिसके बाद यहां लोगों ने लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का सख्ती से पालन किया।

716

जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के दौरान प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डन 17 मई को अपने मंगेतर क्लार्क गेफोर्ड के साथ राजधानी वेलिंगटन के एक रेस्त्रां पहुंची थी। जहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के तहत जगह न होने पर उन्हें इंतजार करना पड़ा था। 

816

कैसे मिली जीत 
फरवरी में ही चीन से आने वाले यात्रियों की एंट्री पर रोकः न्यूजीलैंड में कोरोना का पहला मरीज 28 फरवरी को मिला था। लेकिन, उससे पहले से ही सरकार ने इससे निपटने की तैयारियां शुरू कर दीं। 3 फरवरी से ही सरकार ने चीन से न्यूजीलैंड आने वाले यात्रियों की एंट्री पर रोक लगा दी थी।

916

इसमें न्यूजीलैंड के नागरिकों और यहां के परमानेंट रेसिडेंट को छूट थी। इसके अलावा, जो लोग चीन से निकलने के बाद किसी दूसरे देश में 14 दिन बिताकर आए, उन्हें ही न्यूजीलैंड में आने की इजाजत थी।

1016

5 फरवरी को ही न्यूजीलैंड ने चीन के वुहान में फंसे अपने यात्रियों को चार्टर्ड फ्लाइट से रेस्क्यू कर लिया। इनमें 35 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी थे। इन सभी लोगों को आर्मी के बनाए क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन रखा गया। जहां टेस्टिंग और क्वारंटाइन पीरियड पूरा होने के बाद उन्हें घर जाने दिया गया।
 

1116

20 मार्च से विदेशी नागरिकों की एंट्री बैन
न्यूजीलैंड की सरकार ने 20 मार्च से ही विदेशी नागरिकों की एंट्री पर रोक लगा दी थी, जबकि भारत में 25 मार्च से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हुईं।

1216

4-लेवल अलर्ट सिस्टम बनाया, बहुत पहले ही लॉकडाउन लगाया23 मार्च को न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में अभी कोरोना के 102 मामले हैं। लेकिन, इतने ही मामले कभी इटली में भी थे।'

1316

ये कहने का मकसद एक ही था कि अभी नहीं संभले तो बहुत देर हो जाएगी।’ वहां की सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए 4-लेवल अलर्ट सिस्टम बनाया। इसमें जितना ज्यादा लेवल, उतनी ज्यादा सख्ती, उतना ज्यादा खतरा।
 

1416

21 मार्च को जब सरकार ने इस अलर्ट सिस्टम को इंट्रोड्यूस किया, तब वहां लेवल-2 रखा गया था। उसके बाद 23 मार्च की शाम को लेवल-3 और 25 मार्च की दोपहर को लेवल-4 यानी लॉकडाउन लगाया गया। जिसके बाद 26 अप्रैल से वहां लेवल-4 से लेवल-3 लागू कर दिया गया है। न्यूजीलैंड में जब लॉकडाउन लगा तब वहां कोरोना के 205 मरीज थे।

1516

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कीन्यूजीलैंड में अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिलता, तो वहां की सरकार 48 घंटे के अंदर उसकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग भी करती है। यानी, किसी व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसके सभी करीबी रिश्तेदारों-दोस्तों को कॉल किया जाता था और उन्हें अलर्ट किया जाता था। ऐसा इसलिए ताकि लोग खुद ही टेस्ट करवा लें या सेल्फ-क्वारंटाइन में चले जाएं।

1616

लॉकडाउन तोड़ने वालों पर सख्ती, तुरंत एक्शन
25 मार्च को लॉकडाउन लागू होने के बाद भी कुछ लोग घरों से बाहर निकल रहे थे। इनमें ज्यादातर यंगस्टर्स थे। इस पर प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डन ने समझाइश दी कि देश में कोरोना के ज्यादातर मामले 20 से 29 साल के लोगों में आ रहे हैं। अगर आप घर से बाहर निकलेंगे तो आपको कोरोना होने के चांस ज्यादा हैं। इसके साथ ही सरकार ने यह साफ कर दिया कि लॉकडाउन तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। 
 

अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories