Published : Apr 12, 2022, 09:24 AM ISTUpdated : Apr 12, 2022, 09:47 AM IST
वर्ल्ड न्यूज. ये तस्वीरें यूक्रेन के उत्तरी क्षेत्र चेर्निहाइव ओब्लास्ट(CHERNIHIV OBLAST) की हैं। बेशक यहां से रूसी सैनिक चले गए हैं, लेकिन अब यहां रहने के कुछ नहीं बचा। हर तरफ भयंकर विनाश के अवशेष बिखरे पड़े हैं। रूसी हवाई हमलों ने चेर्निहाइव में ऊंची इमारतों और आस-पास के गांवों में छोटे घरों तक को निशाना बनाया। इन हमलों में क्षेत्रीय राजधानी और उसके उपनगरों में कई लोग मारे गए, सैकड़ों घायल हुए। ये हैं नर्स नताल्या सोलोमेनिक(Natalya Solomennyk), जो अपने खंडहर हो चुके घर को देखने मीलों दूर से साइकिल चलाकर पहुंची। नताल्या के घर पर तीन बार हमला हुआ। गनीमत रही कि नताल्या और उनका परिवार चेर्निहाइव, नोवोसेलिव्का के ठीक बाहर अपने गांव में एक पुराने बम आश्रय(old bomb shelter)में छुपने की वजह से बच गया। यह खबर kyivindependent.com ने प्रकाशित की है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े युद्ध (Russia Ukraine War) का 12 अप्रैल को 48वां दिन है। इस दौरान मारियुपोल में 10,000 से अधिक नागरिक मारे गए। मारियुपोल के मेयर वादिम बॉयचेंको ने 11 अप्रैल को एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि उनके शहर की रूसी घेराबंदी में 10,000 से अधिक नागरिक मारे गए हैं, और हफ्तों के हमलों के बाद मरने वालों की संख्या 20,000 को पार कर सकती है। मरने वालों की सही संख्या का पता लगाना संभव नहीं है। बॉयचेंको ने कहा कि मारियुपोल में अभी भी 120,000 नागरिक फंसे हैं।
जिस पुराने बम आश्रय(old bomb shelter)में छुपकर नताल्या और उसके परिवार की जान बची, वो 1941 में बनाया गया था। यानी द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान गांववालों ने वहां छुपकर जान बचाई थी। नताल्या का 36 साल पुराना घर बर्बाद हो गया। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com
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नताल्या ने रोते हुए बताया-चेर्निहाइव के बाहर स्थित नोवोसेलिव्का गांव 9 अप्रैल, 2022 को रूसी बमों और गोले से पूरी तरह नष्ट हो गया। मैंने अपने बच्चों को वहा जन्म दिया। मैंने उन्हें वहां पाला। मेरे पोते वहां पैदा हुए। मैंने गाय को बचाने के लिए उसे खोल दिया। सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि वह कहां है। मुझे इसके लिए खेद है। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com
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यूक्रेन के स्थानीय अधिकारियों के अनुसार अकेले क्षेत्रीय राजधानी चेर्निहाइव ओब्लास्ट(CHERNIHIV OBLAST) में रूसी हमलों में 200 नागरिकों सहित 700 लोग मारे गए हैं। जबकि पड़ोसी गांवों में कितने लोग मारे गए होंगे, इसका अभी पता नहीं है। कई शवों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com
गए। लोगों ने 21 दिन छिपकर अपनी जान बचाई। ये शेल्टर या छोटे बेसमेंट सोवियत संघ के समय बनाए गए थे। ये पिछली बार 80 साल पहले इस्तेमाल किए गए थे। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com
जिस बम शेल्टर में नताल्या छुपी हुई थीं, उसमें बच्चों, बुजुर्गों और एक गर्भवती महिला सहित 15 लोग मौजूद थे। वे सभी बच गए जबकि कई पड़ोसी मारे गए। चेर्निहाइव के बाहरी इलाके में जहां तबाही मची हुई है, वहीं 285,000 लोगों की क्षेत्रीय राजधानी को भी भारी नुकसान हुआ है। फोटो क्रेडिट-Anna Myroniuk/kyivindependent.com
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