काठमांडु. नेपाल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। बाढ़ और भूस्खलन(floods and landslides) की घटनाओं में 21 लोगों की मौत की खबर है। 24 से अधिक लोग लापता बताए जाते हैं। नेपाल के गृह मंत्रालय के मुताबिक, 19 जिले बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित हैं। हैरानी की बात यह है कि नेपाल में मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन अचानक जलवायु परिवर्तन के कारण प्रकृति ने यह रौर्द्र रूप दिखा दिया। बाढ़ से बिजली ठप हो गई। सड़कें बह गईं। वहीं किसानों की फसल बर्बाद हो गई।
नेपाल में भयंकर बाढ़ से लगभग 25000 से अधिक लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। ठंड की आहट के बीच इस आपदा ने लोगों को राहत शिविरों में ठहराना सरकार के लिए एक चुनौती है।
फोटो क्रेडिट: kathmandupost.com
29
बेमौसम बारिश के कारण आई आपदा से सुदुरपशिम प्रांत(Sudurpaschim Province) सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। कंचनपुर, कैलाली, डोटी, बैताडी, दादेलधुरा, बैताडी और बजहांग जिले अत्यधिक प्रभावित हैं। महाकाली, करनाली और सेती नदियों ने दशकों में सबसे अधिक जल प्रवाह दर्ज किया, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
39
डोटी में जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 9 लोग मारे गए। कुछ लोगों के लापता होने की खबर है। पुलिस निरीक्षक रवींद्र चंद के मुताबिक जोरायल ग्रामीण नगर पालिका में एक घर के बह जाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने कहा कि बैताडी में शिवनाथ ग्रामीण नगर पालिका-6 में एक परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई, जब भूस्खलन उनके घर में बह गया।
49
कंचनपुर में सोमवार की रात भीमदत्त नगर पालिका की विभिन्न बस्तियों में महाकाली नदी में बाढ़ आ जाने के बाद 600 से अधिक परिवारों को विस्थापित किया गया है।
59
म्यागडी में, बाढ़ और भूस्खलन ने बेनी-जोमसोम मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। भूस्खलन से गलेश्वर, रूपसेछाहारा, कापरे और बंदरजंगभीर इलाकों में सड़क मार्ग बाधित हो गया। दशियां की छुट्टियों के दौरान मस्टैंग का दौरा करके लौट रहे सैकड़ों लोग परिवहन बाधित होने के कारण फंस गए हैं।
69
बाढ़ के कारण कई शहर प्रभावित हुए हैं। सड़कों पर पानी भरा हुआ है। लाइट गुल है। लोगों के घरों में पानी भरने से सामान खराब हो गया।
79
इस समय नेपाल में फसल कटाई का काम चल रहा था। ऐसे में भारी बारिश और बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद हो गईं।
फोटो क्रेडिट: kathmandupost.com
89
बाढ़ से ऐसे नदियां उफन रही हैं। सरकार के लिए एक चिंता राहत शिविरों को लेकर भी है। ठंड की आहट शुरू हो गई है, ऐसे में लोगों के लिए कपड़ों का अतिरिक्त इंतजाम करना आसान नहीं है।
99
बाढ़ से ऐसे पानी में डूब गए घर। बेशक अब नेपाल को भारी बारिश से निजात मिल गई है, लेकिन बाढ़ का पानी उतरने में समय लगेगा। इस बीच लोगों को राहत पहुंचाना एक चुनौती है।
अंतरराष्ट्रीय राजनीति, ग्लोबल इकोनॉमी, सुरक्षा मुद्दों, टेक प्रगति और विश्व घटनाओं की गहराई से कवरेज पढ़ें। वैश्विक संबंधों, अंतरराष्ट्रीय बाजार और बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठकों की ताज़ा रिपोर्ट्स के लिए World News in Hindi सेक्शन देखें — दुनिया की हर बड़ी खबर, सबसे पहले और सही तरीके से, सिर्फ Asianet News Hindi पर।