क्या Trump बैकफुट पर आ गए? नहीं, उन्होंने हिंसा को गलत बताया, लेकिन इसके पीछे भी उनकी एक चाल है

Published : Jan 08, 2021, 11:14 AM ISTUpdated : Jan 08, 2021, 11:23 AM IST

वॉशिंगटन. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को हुई हिंसा के 24 घंटे बाद डोनाल्ड ट्रम्प बैकफुट पर आ गए। उन्होंने वीडियो जारी कर कहा, हिंसा में जो लोग शामिल थे वे असली अमेरिकी नहीं हो सकते हैं। उन्हें हिंसा से चोट पहुंची है। सभी अमेरिकियों की तरह वे भी हिंसा से नाराज हैं। ट्रम्प ने कहा कि 20 जनवरी को पावर ट्रांजिशन यानी सत्ता का हस्तांतरण नियमों के मुताबिक हो होगा।  

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क्या Trump बैकफुट पर आ गए? नहीं, उन्होंने हिंसा को गलत बताया, लेकिन इसके पीछे भी उनकी एक चाल है

रिपब्लिक पार्टी के करीब 100 सांसद ऐसे हैं जिन्होंने साफ तौर पर हिंसा का विरोध किया। उन्होंने साफ तौर पर अपने ही नेता को हिंसा का जिम्मेदार ठहराया। 
 

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लेकिन ट्रम्प ने माफी क्यों मांगी?
अमेरिकी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति खुद की गलतियां खुद ही मांफ कर सकता है। गुरुवार को हिंसा की घटनाओं पर दोषी करार दिए जाने के बाद ट्रम्प खुद को माफ करने वाला ऑर्डर जारी कर सकते हैं। अमेरिका में इसे खुद को माफ करने की शक्ति यानी self-pardon power कहा जाता है। इसका फायदा ये होगा कि भविष्य में ट्रम्प पर हिंसा भड़काने के आरोप में केस नहीं चलाया जा सकेगा। 
 

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हिंसा के बाद भी बाइडेन की जीत पर लगी मुहर
वॉशिंगटन डीसी की कैपिटल बिल्डिंग में हंगामे और हिंसा के बीच जो बाइडेन की जीत पर मुहर लग गई है। अमेरिकी संसद ने चुनाव नतीजों के स्वीकार कर लिया। इसके बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने बयान जारी कर हार स्वीकार कर ली। ट्रम्प ने कहा, उनके एतिहासिक और पहले राष्ट्रपति कार्यकाल का अंत है। 
 

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वॉशिंगटन में चार घंटे मचा उत्पाद
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया था कि सुबह 4.15 बजे (भारतीय मानक समय) के अनुसार, ट्रम्प समर्थकों ने चार घंटे तक उत्पात मचाया। समाचार एजेंसी के मुताबिक, हंगामा होने के बाद कांग्रेस को अपनी कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। हालांकि कुछ देर बाद कार्यवाही फिर से शुरू हुई। हंगामे में एक महिला सहित 4 लोगों की मौत हो गई। 
 

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कैपिटल बिल्डिंग में अमेरिकी कांग्रेस इलेक्टोरल कॉलेज को लेकर बहस चल रही थी। इसी बहस के बाद प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन की जीत की ऑफिशियल और लीगल पुष्टि की जानी थी। इसी दौरान ट्रम्प समर्थकों ने हजारों की तादाद में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
 

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ट्रम्प समर्थकों ने हंगामा क्यों किया?   
एक लाइन में जवाब है हार की वजह से। दरअसल, 3 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव हुआ था। बाइडेन को 306 और ट्रम्प को 232 वोट मिले थे। यानी साफ हो गया था कि अबकी बार ट्रम्प राष्ट्रपति नहीं बनेंगे। हालांकि ट्रम्प ने अपनी हार कबूल नहीं की। उन्होंने बार-बार आरोप लगाया कि काउंटिंग में धांधली हुई है। कई जगहों पर केस भी दर्ज कराया। हालांकि ज्यादातर जगहों पर अपील ही खारिज हो गई। बुधवार को काउंटिंग पूरी होती और बाइडेन की जीत पर मुहर लग जाती। लेकिन तभी हिंसा हुई। 
 

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प ने उपद्रवियों को देशभक्त बता दिया। हालांकि, इसके बाद उनकी आलोचना होने लगी। इवांका को ट्वीट डिलीट कर सफाई तक देनी पड़ी।
 

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वॉशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में ट्रम्प समर्थकों की हिंसा के बाद ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम ने बड़ा कदम उठाया है। इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पोस्ट पर रोक लगा दी है। ट्विटर ने कहा कि ट्रम्प के अकाउंट को तब तक लॉक किया जाएगा जब तक वह तीन ट्वीट डिलीट नहीं कर देते हैं। फेसबुक और इंस्टाग्राम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 24 घंटे तक कोई भी पोस्ट नहीं कर पाएंगे।
 

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