ईरान के नेता की मौत पर भारत में हुए प्रदर्शनों पर भारतीय-अमेरिकी सैनिक शिल्पा चौधरी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रदर्शन आम जीवन को बाधित करते हैं और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचाते हैं।

हाल ही में अमेरिका-इज़राइल के एक जॉइंट हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खमेनेई मारे गए। इसके बाद ईरान ने अमेरिका और इज़राइल पर ज़ोरदार पलटवार किया। शांति वार्ता के बीच हुए इस हमले की दुनिया भर में आलोचना हुई और इसका असर भारत में भी देखने को मिला। भारत में शिया मुस्लिम समुदाय के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इसी बीच, भारतीय मूल की एक अमेरिकी सैनिक शिल्पा चौधरी का एक वीडियो वायरल हो गया, जिसमें उन्होंने भारत में हो रहे इन प्रदर्शनों पर सवाल उठाए हैं। शिल्पा चौधरी ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से न सिर्फ आम लोगों की ज़िंदगी में दिक्कतें आती हैं, बल्कि दुनिया में देश की इमेज भी खराब होती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

'प्रदर्शनों से आम ज़िंदगी पर असर'

शिल्पा 38 साल की उम्र में अमेरिकी सेना में शामिल होने की वजह से सोशल मीडिया पर काफी मशहूर हैं। वह तीन बच्चों की मां हैं और अमेरिकी सेना में केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) स्पेशलिस्ट हैं। अमेरिकी सेना की वर्दी में पोस्ट किए गए एक वीडियो में शिल्पा ने कहा कि ईरान के नेता खमेनेई की मौत पर भारत में हो रहे प्रदर्शनों की वजह से दुनिया में देश का मज़ाक बन सकता है। उन्होंने माना कि भारत में कई लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, लेकिन उन्होंने ऐसे प्रदर्शनों के मकसद पर सवाल उठाया जिनसे आम लोगों की ज़िंदगी रुक जाती है।

View post on Instagram

शिल्पा ने साफ किया कि वह मुस्लिम विरोधी नहीं हैं, बल्कि किसी भी धर्म के कट्टरपंथ के खिलाफ हैं, चाहे वह हिंदू हो या मुस्लिम। उन्होंने कहा कि उनकी चिंता इस बात को लेकर है कि इन प्रदर्शनों का भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि हज़ारों मील दूर हुई किसी घटना के लिए राज्य सरकारों से कार्रवाई की मांग क्यों की जा रही है? शिल्पा ने कहा, "पूरी दुनिया में भारत को बहुत सम्मान से देखा जाता है और हमें इस सम्मान को टूटने नहीं देना चाहिए। आप जिस देश में रहते हैं, उससे प्यार करें।" उनके इस वीडियो को साढ़े छह लाख से ज़्यादा बार देखा जा चुका है।

लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

शिल्पा के वीडियो पर लोगों ने तरह-तरह के कमेंट्स किए हैं। कुछ यूज़र्स ने आलोचना करते हुए पूछा कि क्या वह पहले अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों को रोकने के लिए कहेंगी? एक अन्य यूज़र ने पूछा, "क्या हम ईरान में मारे गए 165 बच्चों के लिए प्रदर्शन कर सकते हैं?" कुछ लोगों ने अमेरिकी सीनेट में ट्रंप के खिलाफ हो रहे विरोध का भी ज़िक्र किया। वहीं कुछ यूज़र्स ने उन्हें याद दिलाया कि भारत में अब भी बोलने की आज़ादी है। हालांकि, कई लोगों ने शिल्पा की बातों की तारीफ भी की और उनके विचारों का समर्थन किया।