
Independence Day Flag Hoisting Rules: 15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस (80th Independence Day) मनाने जा रहा है। 79 साल की इस आजादी का जश्न मनाने के लिए हर कोई पूरी तरह तैयार हैं। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली के लाल किले से राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित करेंगे। देशभर में स्कूल, कॉलेज, सरकारी दफ्तर, कई प्राइवेट ऑफिस और कई घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। लेकिन क्या आपको पता है कि तिरंगे की शान बनाए रखने के लिए घर या किसी कार्यक्रम में तिरंगा फहराने के भी कुछ नियम हैं? 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002' (Flag Code of India, 2002) में राष्ट्रीय ध्वज को फहराने, रखने और प्रदर्शित करने से जुड़े नियम दिए गए हैं। ताकि अनजाने में हमसे कोई ऐसी गलती न हो, जिससे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान हो जाए। इसलिए इस स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने से पहले ये 5 जरूरी बातें जरूर जान लें...
तिरंगे को सही दिशा में ही फहराएं। जब झंडा सामान्य तरीके से फहराया जाता है तो केसरिया रंग ऊपर, सफेद बीच में और हरा रंग नीचे होना चाहिए। सफेद पट्टी के बीच नीले रंग का अशोक चक्र होता है। तिरंगा हमेशा आयताकार होना चाहिए और उसके लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 रखा जाता है। इसलिए झंडा खरीदते समय भी उसकी बनावट और सही डिजाइन पर ध्यान दें।
15 अगस्त पर कई लोग पिछले साल का रखा हुआ झंडा निकालकर इस्तेमाल कर लेते हैं। ऐसा करते समय एक बार उसे ध्यान से जरूर देख लें। अगर तिरंगा फटा हुआ, गंदा या बुरी तरह सिकुड़ा हुआ है, तो उसे फहराना नहीं चाहिए। नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज को ऐसी हालत में नहीं लगाया जाना चाहिए, जिससे उसकी गरिमा कम हो। तिरंगे को ऐसी जगह लगाएं जहां वह साफ दिखाई दे और सम्मान वाली जगह पर हो।
यह सबसे जरूरी सावधानियों में से एक है। तिरंगा फहराते या उतारते समय इस बात का ध्यान रखें कि वह जमीन, फर्श या पानी को न छुए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद भी झंडे को लापरवाही से कहीं फेंकना या नीचे गिराना सही नहीं है। उसे सम्मान के साथ संभालें और सुरक्षित तरीके से रखें। राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़े नियमों में उसके साथ गलत व्यवहार को गंभीरता से लिया गया है।
15 अगस्त के आसपास बाजारों और सोशल मीडिया पर तिरंगे से जुड़ी कई सजावटी चीजें दिखाई देती हैं। लेकिन राष्ट्रीय ध्वज को सिर्फ सजावट के लिए इस्तेमाल करना सही नहीं है। तिरंगे पर कुछ लिखना, प्रिंट करना या कोई निशान बनाना भी नहीं चाहिए। इसी तरह इसे इस तरह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, जिससे राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा कम हो। कपड़ों या दूसरी चीजों पर तिरंगे का इस्तेमाल करते समय भी नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। यानी देशभक्ति दिखाने के लिए तिरंगे का सम्मान करना सबसे जरूरी है, सिर्फ उसे सजावट की चीज बना देना नहीं।
अक्सर लोग झंडा फहराने पर तो पूरा ध्यान देते हैं, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने के बाद उसे उतारते समय जल्दबाजी कर देते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए। तिरंगे को सावधानी और सम्मान के साथ संभालें और नीचे उतारने के बाद उसे सही तरीके से सुरक्षित रखें। खासकर यह ध्यान रखें कि वह जमीन पर न गिरे और न ही किसी गंदी या ऐसी जगह रखा जाए जहां उसे नुकसान पहुंच सकता है। एक और बात याद रखें कि आम नागरिक, प्राइवेट संस्थान और शैक्षणिक संस्थान सम्मान और गरिमा के साथ राष्ट्रीय ध्वज को सभी दिनों और मौकों पर प्रदर्शित कर सकते हैं। 2022 के बदलाव के बाद खुले में या किसी नागरिक के घर पर लगाया गया झंडा दिन-रात भी फहराया जा सकता है।
अगर आप इस 15 अगस्त को अपने घर की छत या बालकनी में तिरंगा लगाने वाले हैं तो यह भी देख लें कि वह किसी दूसरी चीज के पीछे छिपा न हो। राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान वाली और साफ दिखाई देने वाली जगह पर लगाया जाना चाहिए। साथ ही झंडे के साथ किसी दूसरे झंडे को इस तरह नहीं लगाना चाहिए जिससे राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति या सम्मान कम दिखे। तिरंगे को हमेशा गरिमा के साथ प्रदर्शित करना जरूरी है।
अगर आपको लगता है कि तिरंगा सिर्फ खादी का ही होना चाहिए, तो यह बात अब पूरी तरह सही नहीं है। फ्लैग कोड (Flag Code) में बदलाव के बाद राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काते और हाथ से बुने या मशीन से बने कॉटन पॉलिएस्टर, ऊन, सिल्क या खादी बंटिंग से बनाया जा सकता है। इसलिए झंडा खरीदते समय सबसे जरूरी बात यह है कि वह सही आकार, सही रंग और सही डिजाइन वाला हो और सम्मान के साथ इस्तेमाल किया जाए।
राष्ट्रीय ध्वज का जानबूझकर अपमान करना सिर्फ गलत व्यवहार नहीं है, बल्कि कुछ मामलों में कानूनी अपराध भी बन सकता है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) के तहत सार्वजनिक जगह या लोगों की नजर के सामने राष्ट्रीय ध्वज को जलाना, नुकसान पहुंचाना, फाड़ना, पैरों से रौंदना या उसका अपमान करना दंडनीय है। इसमें तीन साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इसलिए 15 अगस्त पर तिरंगा फहराते समय उत्साह के साथ थोड़ी सावधानी भी जरूरी है।