
Raksha Bandhan Do And Donts: रक्षा बंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और एक-दूसरे की मंगलकामना से जुड़ा है। इस दिन बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है, तिलक लगाती है, आरती करती है और उसकी सुख-समृद्धि की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर मुश्किल में साथ देने का संकल्प लेता है। राखी बांधने की रस्म पूरी होने के बाद खाने-पीने, बोलचाल और व्यवहार से जुड़े कुछ नियम मानने की परंपरा है।
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रक्षा बंधन का सबसे बड़ा मैसेज प्रेम और रिश्ते को मजबूत करना है। इसलिए राखी बांधने के बाद भाई-बहन को आपस में विवाद नहीं करना चाहिए। छोटी-सी बात पर गुस्सा करना, बहस करना या एक-दूसरे को दुख पहुंचाने वाली बातों से बचना चाहिए। जिस रिश्ते को मजबूत करने के लिए राखी बांधी गई है, उसी दिन उस रिश्ते में कड़वाहट नहीं आनी चाहिए।
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रक्षा बंधन के दिन भाई-बहन को एक-दूसरे के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खासकर राखी बांधने के बाद अपशब्द बोलना शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक परंपराओं में वाणी की शुद्धता को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए त्योहार के दिन अच्छी भाषा बोलने और किसी का दिल न दुखाने की सलाह दी जाती है।
परंपरागत रूप से कई परिवारों में भाई को पहले राखी बांधी जाती है, फिर तिलक और आरती की जाती है और उसके बाद मिठाई खिलाई जाती है। कुछ जगहों पर यह भी माना जाता है कि पूजा और राखी की रस्म पूरी होने तक भाई को भोजन नहीं करना चाहिए।
राखी को रक्षा सूत्र माना जाता है। इसी वजह से इसे रस्म पूरी होते ही उतारने के बजाय कुछ समय तक कलाई पर बांधे रखना चाहिए। कितने दिन तक राखी रखनी चाहिए, इस बारे में अलग-अलग मान्यताएं मिलती हैं। कहीं इसे कई दिनों तक रखा जाता है, तो कहीं किसी विशेष पूजा या पर्व के दिन उतारा जाता है।
रक्षा बंधन को शुभ पर्व माना जाता है। इसलिए इस दिन गुस्सा, हिंसा, किसी का इंसल्ट करना, झूठ बोलना या जानबूझकर किसी का नुकसान करना अच्छा नहीं माना जाता। इस दिन जरूरतमंदों की मदद करना, बड़ों का आशीर्वाद लेना और परिवार के साथ समय बिताना चाहिए।
रक्षा बंधन के दिन भाई-बहन के बीच पैसों या लेन-देन को लेकर विवाद करने से बचना चाहिए। इस दिन बहस और मनमुटाव से बचना अच्छा माना जाता है। भाई अपनी बहन को गिफ्ट या पैसे अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार दे सकता है। इसके लिए कोई एक निश्चित अमाउंट का नियम नहीं है।
रक्षा बंधन का मूल संदेश बहुत सिंपल है- भाई-बहन एक-दूसरे का सम्मान करें, सुख-दुख में साथ दें और रिश्ते में प्रेम बनाए रखें। इसलिए राखी बांधने के बाद सबसे जरूरी बात यही है कि भाई-बहन झगड़े, अपशब्द और कड़वे व्यवहार से बचें।