
Top 5 Most Expensive Tea: सुबह की एक कप गर्म चाय सिर्फ नींद भगाने का जरिया नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के लिए एक अहसास है। ज्यादातर घरों में 200 से 500 रुपए किलो वाली चायपत्तियों का इस्तेमाल होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसी चाय-पत्तियां भी हैं, जिनकी कीमत में आप एक आलीशान बंगला या लग्जरी कार खरीद सकते हैं? इतना ही नहीं, इनमें से एक चाय तो पांडा के मल (Poo) का इस्तेमाल करके उगाई जाती है। आइए जानते हैं दुनिया की 5 सबसे दुर्लभ, अनोखी और महंगी चाय-पत्तियों के बारे में, जिनकी एक-एक चुस्की की कीमत लाखों-करोड़ों रुपए है।
चीन के वुई पर्वतों (Wuyi Mountains) में उगने वाली दा होंग पाओ (Da Hong Pao) को दुनिया की सबसे महंगी चाय पत्ती माना जाता है। यह एक पौराणिक उलोंग (Oolong) चाय है। इसके मूल 'मदर प्लांट्स' 300 साल से भी ज्यादा पुराने हैं। किसी जमाने में यह चाय सिर्फ चीन के राजाओं (Emperors) के लिए आरक्षित होती थी। नीलामी में इसके मूल पौधों से तोड़ी गई चाय की कीमत $1 मिलियन (करीब ₹9 करोड़) प्रति किलोग्राम से भी ज्यादा लग चुकी है। आज के समय में यह करीब अमूल्य (Priceless) मानी जाती है।
सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगे, लेकिन चीन में बनने वाली 'पांडा डंग टी' की गिनती दुनिया की सबसे अनोखी और प्रीमियम चाय में होती है। इस चाय के पौधों में किसी रासायनिक खाद के बजाय विशाल पांडा (Giant Pandas) के मल का इस्तेमाल जैविक खाद (Fertilizer) के रूप में किया जाता है। माना जाता है कि पांडा सिर्फ बांस की पत्तियां खाते हैं और उनके पाचन तंत्र से केवल 30% पोषक तत्व ही पच पाते हैं। बाकी 70% पोषक तत्व उनके मल में रह जाते हैं। इससे तैयार चाय पोषक तत्वों (Nutrients) से भरपूर होती है और इसका स्वाद बेहद हल्का और खास होता है। इसकी कीमत हजारों युआन प्रति किलो तक पहुंच सकती है। यानी भारत में 1 लाख रुपए से भी ज्यादा में इसकी कीमत हो सकती है।
यह आम चाय नहीं बल्कि लग्जरी का एक अनोखा उदाहरण है। ब्रिटेन की मशहूर कंपनी PG Tips ने अपनी सालगिरह पर एक खास टी बैग बनाया था, जिसमें 280 असली कट डायमंड्स जड़े हुए थे। इस डायमंड बैग के अंदर दुनिया की सबसे दुर्लभ और हाथ से चुनी गई प्रीमियम चाय पत्तियां भरी गई थीं। यह चाय संस्कृति में बेहद लक्जरी (Extreme Luxury) का प्रतीक है। यह टी बैग असल में एक खास प्रदर्शनी और चैरिटी के लिए बनाया गया था, लेकिन इसने दुनिया भर में सुर्खियां बटोरीं।
जापान की ग्योकुरो (Gyokuro) ग्रीन टी अपने गहरे 'उमामी' (Umami) स्वाद और हल्की मिठास के लिए दुनियाभर में मशहूर है। यह दुनिया की सबसे बेहतरीन ग्रीन टी में गिनी जाती है। इसे खास तरीके से उगाया जाता है। कटाई से पहले चाय के पौधों को कुछ समय तक धूप से बचाकर रखा जाता है, जिससे इसका स्वाद और क्वालिटी बेहतर हो जाती है। कम उत्पादन और ज्यादा मेहनत की वजह से इसकी कीमत भी काफी हाई रहती है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसकी कीमत हजारों डॉलर प्रति किलोग्राम तक होती है।
भारत भी दुनिया की सबसे कीमती और स्वादिष्ट चाय पैदा करने में किसी से पीछे नहीं है। भारतीय चाय का स्वाद पूरी दुनिया में फैली है। दार्जिलिंग के 'फर्स्ट फ्लश' (Darjeeling Tea) बसंत की पहली कटाई और दुर्लभ क्लोनल बैचेज (Clonals) की नीलामी में कीमतें ₹1.5 लाख प्रति किलो से भी ज्यादा जा चुकी हैं। वहीं, असम के बागानों में सिर्फ सुबह की कोमल सुनहरी कलियों को चुनकर बनाई जाने वाली मनोहरी गोल्ड टी (Manohari Gold Tea,) की बोली कई बार ₹1 लाख प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है।