भारी बारिश में किसानों से मिलने खेतों में पहुंची महिला अधिकारी, झारखंड में इनके वर्किंग स्टाइल की हो रही चर्चा

Published : Aug 12, 2022, 05:07 PM IST
भारी बारिश में किसानों से मिलने खेतों में पहुंची महिला अधिकारी, झारखंड में इनके वर्किंग स्टाइल की हो रही चर्चा

सार

झारखंड की कृषि निदेशक निशा उरांव सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव है। लोगों की समस्याओं को सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल सुनती है, बल्कि उनका समाधान भी करती हैं। जमीन हकीकत जानने के लिए वो क्षेत्रों का दौरा करती हैं। 

रांची. झारखंड सरकार की कृषि निदेशक निशा ऊरांव ने अक्टूबर 2020 में कृषि निदेशक का पदभार ग्रहण किया था। उसके बाद से उनके काम करने के तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है। उनकी कार्यशैली से लोगों के बीच चर्चा हो रही है। निशा ऊंराव आए दिन क्षेत्रों के भ्रमण पर निकल जाती है। लोगों से उनका काफी जुड़ाव है। किसी प्रकार की समस्याओं को सुनने के लिए वे जमीन स्तर पर पहुंचती हैं। उनका यह तरीका लोगों को काफी पसंद आ रहा है। इसी क्रम में बारिश के बीच किसानों से उनके खेतों में मिलने पहुंची निशा ऊंराव की खबर सामने आई।


 
तीन दिन से हो रही बारिश के बाद फसलों का जायजा लेने निकली मैडम
बता दें कि राज्य में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हालांकि तीन दनों से मानसून सक्रिय है और जोरदार बारिश हो रही है। ऐसे में किसानों के चेहरे पे थोड़ी खुशी देखने को मिल रही है। इसी बीच बारिश के बीच झारखंड की कृषि निदेशक किसानों से मिलने उनके खेतों में पहुंच गई। खूंटी जिले में सूखाग्रस्त क्षेत्र की वास्तविकता का सही मूल्यांकन के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। भ्रमण के क्रम में उन्होंने स्थानीय कृषकों द्वारा फसलों की कम बोआई एवं रोपाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

प्रखंडों का दौरा कर लिया खरीफ फसल की स्थिति का जायजा
झारखंड सरकार की कृषि निदेशक निशा उरांव ने जिले के विभिन्न प्रखंडों का दौरा कर कम वर्षा के कारण फसलों की कम बुआई और रोपाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। दौरे के क्रम में कृषि निदेशक ने पर्याप्त वर्षा के अभाव में खेतों की स्थिति का अवलोकन किया। किसानों ने कृषि निदेशक को बताया कि एक डेढ़ माह पूर्व ही धान के बिचडे लगाए गए थे। लेकिन समय पर वर्षा नहीं होने के कारण अधिकांश खेतों में अब तक रोपनी का काम नहीं हो सका है। बताया गया कि धान के अलावा अन्य फसलों की भी बोआई नहीं हो सकी है। इस पर कृषि निदेशक ने कम वर्षा के कारण कम अवधि वाले और प्रभेदों के बीज की सीधी बोआई करने तथा धान लगने वाली ऊंची भूमि पर उरद, मड़ुवा, कुल्थी, सरगुजा, मूंग आदि दलहन की फसलें लगाने का सुझाव किसानों को दिया।

सोशल मीडिया पर दिल जीत रही हैं ये अफसर
झारखंड की कृषि निदेशक निशा उरांव सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव है। लोगों की समस्याओं को सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल सुनती है, बल्कि उनका समाधान कर लोगों का दिल भी जीत लेती है। एक बार पंकज नाम के युवक ने उन्हें अपनी परेशानियां ट्विटर पर बताई। उन्होंने कृषि कर्ज माफी के लिए सभी प्रमाण पत्रों के साथ अप्लाई किया। लेकिन कोई सूचना नहीं मिली। पंकज ने कृषि निदेशक निशा उरांव ने तत्काल उनके संबंध में जानकारी ली और पंकज की समस्या दूर हो गयी। निशा की इस सक्रियता से लोगों में उनकी अच्छी छवि बनी है। निशा द्वारा आम लोगों से सीधा संवाद के बाद कई लोगों ने कर्ज माफी पर जानकारी मांगी। निशा उरांव ने इन सबको संतोषजनक जवाब दिया।

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