
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचांग के पांच अंग होते हैं, इन सभी को मिलाकर पंचांग का निर्माण किया जाता है। ये पांच अंग हैं- तिथि, वार, करण, योग और नक्षत्र। इन सभी की संख्या अलग-अलग है जैसे तिथियों की संख्या 16 है, वार की संख्या 7 है, करण की संख्या 11 और योग व नक्षत्र की संख्या 27-27 है। इन सभी को मिलाकर पंचांग निर्मित होता है। इसी पंचांग के माध्यम से ही दिन भर के शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशा शूल आदि तय किए जाते हैं। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
आज किया जाएगा ऋषिपंचमी व्रत
धर्म ग्रंथों के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ऋषिपंचमी व्रत किया जाता है। ये महिला प्रधान व्रत है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रजस्वला अवस्था में हुई गलतियों के पाप से बचने के लिए महिलाओं द्वारा ये व्रत किया जाता है। ये व्रत भारत ही नहीं बल्कि नेपाल में भी बड़ी ही श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। इस दिन सप्तऋषियों की पूजा की परंपरा भी है।
1 सितंबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 1 september 2022)
1 सितंबर 2022, दिन गुरुवार को भाद्रमास मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 02:49 तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी, जो रात अंत तक रहेगी। गुरुवार को सूर्योदय स्वाती नक्षत्र में होगा, जो दिन भर रहेगा। गुरुवार को स्वाती नक्षत्र होने से स्थिर नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा ब्रह्म और इंद्र नाम के 2 अन्य शुभ योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल दोपहर 2:00 से 3:33 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
गुरुवार को चंद्रमा तुला राशि में, शुक्र और सूर्य सिंह राशि में, बुध कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। गुरुवार को दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि करनी पड़े तो दही या जीरा मुंह में डाल कर निकलें।
1 सितंबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- भादौ
पक्ष- शुक्ल
दिन- गुरुवार
ऋतु- वर्षा
नक्षत्र- स्वाती
करण- बालव और कौलव
सूर्योदय - 6:12 AM
सूर्यास्त - 6:41 PM
चन्द्रोदय - Sep 01 10:26 AM
चन्द्रास्त - Sep 01 9:58 PM
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:01 से 12:51 तक
1 सितंबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 6:12 AM – 7:46 AM
कुलिक - 9:19 AM – 10:53 AM
दुर्मुहूर्त - 10:22 AM – 11:12 AM और 03:21 PM – 04:11 PM
वर्ज्यम् - 05:42 AM – 07:16 AM
हिंदू वर्ष का बारहवां महीना है फाल्गुन
पंचांग के अनुसार, हिंदू वर्ष का बारहवां महीना फाल्गुन है। इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होता है, इसलिए इस महीने का नाम फाल्गुन रखा गया है। धर्म ग्रंथों में इस महीने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में विजया एकादशी, महाशिवरात्रि, फाल्गुन अमावस्या, फुलैरा दूज, आमलकी एकादशी, होलिका दहन, धुरेड़ी आदि पर्व मनाए जाते हैं।
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