
उज्जैन. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण, इन पांच अंगों के योग से पंचांग बनता है। वर्तमान में कई तरह के पंचांग बाजार में आसानी से मिल जाते है, इनका आधार भी अलग-अलग ही होता है। पंचांग में दिन भर के शुभ मुहूर्तों की जानकारी आसानी से मिल जाती है। इसके अलावा ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के बारे में भी पंचांग से जाना जा सकता है। आगे जानिए आज के पंचांग से जुड़ी खास बातें…
नवरात्रि के नौवें दिन करें देवी सिद्धिदात्री की पूजा
आज (4 अक्टूबर, मंगलवार) शारदीय नवरात्रि का नौवां और अंतिम दिन है। इस दिन देवी दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाती है। इनका आसन कमल का फूल है। देवता, असुर, गंधर्व, किन्नर और मनुष्य सभी इनकी पूजा करते हैं। मां सिद्धिदात्री की चार भुजाएं हैं। इनकी दाहिनी ओर की पहली भुजा में गदा और दूसरी भुजा में चक्र है। बांई ओर की भुजाओं में कमल और शंख है।
4 अक्टूबर का पंचांग (Aaj Ka Panchang 4 October 2022)
4 अक्टूबर 2022, दिन मंगलवार को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पूरे दिन रहेगी। ये शारदीय नवरात्रि का नौवां दिन रहेगा। इस दिन देवी सिद्धिदात्री की पूजा की जाएगी। मंगलवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दिन भर रहेगा। मंगलवार को उत्तराषाढ़ा नक्षत्र होने से पद्म नाम का शुभ योग दिन भर रहेगा। इसके अलावा अतिगण्ड और सुकर्मा नाम के 2 अन्य योग भी इस दिन रहेंगे। राहुकाल दोपहर 03:11 से शाम 04:39 तक रहेगा।
ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार रहेगी...
मंगलवार को चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य, बुध और शुक्र कन्या राशि में, मंगल वृष राशि में, शनि मकर राशि में (वक्री), राहु मेष राशि में, गुरु मीन राशि में (वक्री) और केतु तुला राशि में रहेंगे। मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए। यदि निकलना पड़े तो गुड़ खाकर यात्रा पर जाना चाहिए।
4 अक्टूबर के पंचांग से जुड़ी अन्य खास बातें
विक्रम संवत- 2079
मास पूर्णिमांत- आश्विन
पक्ष- शुक्ल
दिन- मंगलवार
ऋतु- शरद
नक्षत्र- उत्तराषाढ़ा
करण- कौलव और तैतिल
सूर्योदय - 6:23 AM
सूर्यास्त - 6:07 PM
चन्द्रोदय - Oct 04 2:31 PM
चन्द्रास्त - Oct 05 1:26 AM
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:52 से दोपहर 12:39
4 अक्टूबर का अशुभ समय (इस दौरान कोई भी शुभ काम न करें)
यम गण्ड - 9:19 AM – 10:47 AM
कुलिक - 12:15 PM – 1:43 PM
दुर्मुहूर्त - 08:44 AM – 09:31 AM और 11:02 PM – 11:51 PM
वर्ज्यम् - 02:35 AM – 04:05 AM
क्या होते हैं पक्ष?
हिंदू पंचांग में एक महीने को 2 पक्षों में बांटा गया है। इनके नाम शुक्ल और कृष्ण पक्ष हैं। शुक्ल पक्ष को पितरों का दिन और कृष्ण पक्ष को पितरों की रात कहा जाता है। शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन को पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन को अमावस्या कहते हैं। इन दोनों पक्षों की 1 से लेकर 14 तक की तिथियां समान होती हैं। सिर्फ अंतिम दिन की तिथियों में अंतर होता है।
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