जन्म कुंडली कौन-सा ग्रह किस स्थिति में हो तो उसका क्या फल मिलता है, जानिए

Published : Mar 10, 2021, 10:48 AM IST
जन्म कुंडली कौन-सा ग्रह किस स्थिति में हो तो उसका क्या फल मिलता है, जानिए

सार

किसी भी व्यक्ति की जन्म कुंडली देखकर उसके बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है, साथ ही संभावित भविष्य के बारे में भी अनुमान लगाया जा सकता है।

उज्जैन. ज्योतिष के जानकार कुंडली की हर छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर ही व्यक्ति विशेष के बारे में भविष्यवाणी करते हैं और उपाय भी बताते हैं। कुंडली देखते समय किन बातों का ध्यान विशेष रूप से रखा जाता है, इसकी जानकारी इस प्रकार है…

1. सूर्य उच्च का अर्थात् मेष राशि का होकर एकादश स्थान में बैठा हो तो ऐसा व्यक्ति अत्यंत प्रभावशाली, धनवान और प्रसिद्ध होता है।
2. किसी भी भाव में जो ग्रह बैठा हुआ है, उसकी अपेक्षा जो ग्रह उस भाव को देख रहा है उसका प्रभाव ज्यादा होता है। जैसे यदि द्वितीय स्थान में मंगल बैठा है लेकिन उस स्थान पर बृहस्पति की दृष्टि है तो बृहस्पति का प्रभाव ज्यादा होगा।
3. वक्री होने पर ग्रह ज्यादा बलवान हो जाता है तथा वह जिस भाव का स्वामी होता है उस भाव को विशेष फल प्रदान करता है।
4. कुंडली के त्रिक स्थान, छठे, आठवें, 12वें में यदि शुभ ग्रह बैठे हों तो त्रिक स्थान को शुभ फल देते हैं। पाप ग्रह बैठे हों तो बुरा प्रभाव देते हैं।
5. एक ही ग्रह कुंडली के दो केंद्र स्थानों का स्वामी हो तो शुभफलदायक नहीं रहता। प्रथम, चतुर्थ, सप्तम और दशम भाव केंद्र स्थान होते हैं।
6. राहू और केतु जिस भाव में बैठते हैं उस भाव की राशि के स्वामी बन जाते हैं और जिस ग्रह के साथ बैठते हैं उसके गुण अपना लेते हैं।
7. राहू और केतु आकस्मिक फल प्रदान करते हैं। शुभ या अशुभ अचानक आते हैं। केतु जिस ग्रह के साथ बैठा होता है उस ग्रह के प्रभाव को अधिक बढ़ा देता है।
8. भाग्य स्थान अर्थात् नवम भाव का स्वामी यदि भाग्य भाव में ही बैठा है और उस पर गुरु की दृष्टि हो तो व्यक्ति अत्यधिक भाग्यशाली होता है।
9. चौथे भाव में अकेला शनि बैठा हो तो उस व्यक्ति की वृद्धावस्था दुखदायी होती है। किसी भी ग्रह की महादशा में उसी ग्रह की अंतर्दशा अनुकूल फल नहीं देती।
10. शुभ ग्रह की महादशा में पाप या मारक ग्रह की अंतर्दशा प्रारंभ में शुभ और उत्तरा‌र्द्ध में अशुभ फल देती है।

कुंडली के योगों के बारे में ये भी पढ़ें

कुंडली में सूर्य की स्थिति और पांचवे भाव से जान सकते हैं किसे हो सकती है दिल से जुड़ी बीमारियां

इन ग्रहों के अशुभ फल के कारण व्यक्ति हो सकता है गलत आदतों का शिकार

7 ग्रहों की अलग-अलग स्थिति के कारण बनते हैं ये 3 शुभ योग, बनाते हैं धनवान

कुंडली में ग्रहों की विशेष स्थिति से बनते हैं सर्प और माला योग, एक देता है शुभ फल तो दूसरा अशुभ

जन्म कुंडली के ये 4 योग व्यक्ति को जीवन भर बनाए रखते हैं गरीब और परिवारहीन

जन्म कुंडली के सातवें भाव में ग्रहों की ऐसी स्थिति बनाती है वैधव्य योग, जानिए कैसा होता है आप पर इसका असर

सूर्य और चंद्रमा से बनता है प्रीति योग, प्रणय निवेदन और प्रेम विवाह के लिए शुभ है ये योग

चंद्रमा के कारण कुंडली में बनता है ये अशुभ योग, जीवन भर बनाकर रखता है गरीब

 

PREV

Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।

Recommended Stories

12 जनवरी का राशिफल, शुक्र के राशि बदलने से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Weekly Tarot Horoscope: इस सप्ताह 5 राशि वालों को मिलेगी गुड न्यूज