
उज्जैन. वर्तमान में ग्रहों का दुर्लभ योग बन रहा है। इस योग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। 14 मई से गुरु वक्री हो चुका है। इससे पहले शनि और शुक्र भी वक्री स्थिति में हैं। राहु-केतु हमेशा वक्री रहते हैं। इस तरह अब नौ में से पांच ग्रह वक्री हो गए हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार ग्रहों की स्थितियां बदलने से राशि अनुसार कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो इन ग्रहों के अशुभ असर से बचा जा सकता है। जानिए राशि अनुसार किन बातों का ध्यान रखें...
ये उपाय भी करें
1. ग्रहों के अशुभ असर से बचने के लिए रोज सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
2. शिवलिंग पर तांबे के लोटे से जल चढ़ाएं, ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें।
3. भगवान विष्णु को पीले वस्त्र चढ़ाएं।
4. हनुमान प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
ग्रहों के वक्री होने का अर्थ
ज्योतिष में ग्रहों की दो स्थितियां बताई गई हैं। एक मार्गी और दूसरी वक्री। मार्गी में ग्रह सीधा चलता है यानी आगे बढ़ता है। जबकि वक्री स्थिति में ग्रह टेढ़ा या उल्टा चलता है यानी पीछे की ओर चलने लगता है।
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