Sawan 2022: कितने दिनों का होगा सावन, कब से कब तक रहेगा, 4 सोमवार को कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे?

Published : Jul 08, 2022, 01:35 PM IST
Sawan 2022: कितने दिनों का होगा सावन, कब से कब तक रहेगा, 4 सोमवार को कौन-कौन से शुभ योग बनेंगे?

सार

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल का पांचवां महीना श्रावण होता है, जिसे बोल-चाल की भाषा में सावन भी कहा जाता है। ये महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए बहुत विशेष माना गया है। इस बार सावन मास (Sawan 2022) की शुरूआत 14 जुलाई, गुरुवार से हो रही है, जो 11 अगस्त, गुरुवार तक रहेगा।

उज्जैन. इस बार सावन का महीना 29 दिन का होगा। इस महीने में कई प्रमुख त्योहार भी मनाए जाएंगे, इनमें हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya 2022), हरियाली तीज (Hariyali Teej 2022), नागपंचमी (nagpanchami 2022) आदि प्रमुख हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने में शिवजी की पूजा, उपाय आदि करने से हर तरह की परेशानियां दूर हो सकती हैं। श्रावण मास में आने वाले सोमवार बहुत ही खास माने जाते हैं। इस बार सावन में 4 सोमवार का योग बन रहा है। आगे जानिए सावन में इस बार कब-कब बनेगा सोमवार का योग…

सावन के हर सोमवार पर शुभ संयोग
- 18 जुलाई को सावन का पहला सोमवार रहेगा। इस दिन मौना पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, इस सोमवार को शोभन और रवियोग रहेंगे, जिससे इस इस दिन का महत्व और भी बढ़ जाएगा।
- सावन का दूसरा सोमवार 25 जुलाई को रहेगा। इस दिन प्रदोष व्रत भी किया जाएगा। सोमवार, प्रदोष तिथि और सावन ये तीनों ही भगवान शिव को प्रिय है। साथ ही इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी रहेगा। 
- सावन का तीसरा सोमवार 1 अगस्त को रहेगा। इस दिन विनायकी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। साथ ही प्रजापति और रवियोग भी इस दिन रहेंगे। श्रावण सोमवार को चतुर्थी का व्रत बहुत ही शुभ फलदायी रहेगा।
- 8 अगस्त को सावन का चौथा और अंतिम सोमवार रहेगा। इस दिन पुत्रदा एकादशी का व्रत किया जाएगा। ये तिथि भगवान विष्णु को प्रिय है। श्रावण सोमवार को एकादशी व्रत करने से सभी परेशानी दूर हो सकती है। इस दिन पद्म और रवियोग भी बन रहे हैं।

क्यों है इस महीने का नाम श्रावण और क्या है इसका महत्व?
इस महीने का श्रावण नाम श्रवण नक्षत्र से पड़ा है क्योंकि इस महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा श्रवण नक्षत्र में होता है। ये 27 में से 22वां नक्षत्र है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार श्रवण नक्षत्र का स्वामी बृहस्पति ग्रह है। श्रावण का अर्थ है सुनना। यानी इस महीने में भगवान के स्वरूप का श्रवण करना चाहिए ताकि मन के विकार दूर हो सकें और हम ईश्वर के निराकार स्वरूप को समझ सकें। इसलिए श्रावण मास में धार्मिक कथाओं का आयोजन विशेष रूप से किया जाता है।

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