शनिश्चरी अमावस्या पर एक ही राशि में रहेंगे 4 ग्रह, सुकर्मा और अमृत योग भी रहेंगे इस दिन

Published : Dec 03, 2021, 10:31 AM ISTUpdated : Dec 03, 2021, 10:35 AM IST
शनिश्चरी अमावस्या पर एक ही राशि में रहेंगे 4 ग्रह, सुकर्मा और अमृत योग भी रहेंगे इस दिन

सार

अभी अगहन महीना चल रहा है। इस महीने की अमावस्या पर स्नान-दान और पितरों के लिए श्राद्ध करने की परंपरा है। ऐसा करने से पितृ की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही इस दिन स्नान-दान से हर तरह के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। ये अमावस्या पर्व 4 दिसंबर, शनिवार को है।

उज्जैन. इस बार 1 दिसंबर, शनिवार को अगहन मास की अमावस्या है। शनिवार को अमावस्या होने से इसे शनिश्चरी अमावस्या के रूप में मनाया जाएगा। इस अमावस्या पर भगवान विष्णु, शिवजी, शनिदेव और हनुमानजी की पूजा खासतौर से की जाएगी। इस दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी होगा, लेकिन भारत में नहीं दिखने से न तो इसका सूतक लगेगा और न ही कोई धार्मिक महत्व रहेगा। इस दिन कुछ विशेष काम करने से सभी देवी-देवताओं की कृपा पाई जा सकती है।

वृश्चिक राशि में चर्तुग्रही योग
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र के अनुसार, शनिवार को ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस दिन वृश्चिक राशि में चतुर्ग्रही योग बन रहा है। इस राशि में सूर्य, चंद्र, बुध और केतु रहेंगे। ग्रहों की इस युति में किया गया स्नान और दान कई गुना शुभ फल देने वाला रहेगा। साथ ही इस दिन साल की आखिरी शनैश्चरी अमावस्या भी रहेगी। ये मार्गशीर्ष महीने की अमावस्या होने से स्नान-दान के लिए खास रहेगी। इसके बाद अगले साल यानी 30 अप्रैल 2022 को शनैश्चरी अमावस्या का संयोग बनेगा।

अनुराधा नक्षत्र से स्नान-दान का महत्व बढ़ा
डॉ. मिश्र के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या ऐसी तिथि है जिसमें देव आराधना के जरिए सभी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। 4 दिसंबर को शनि प्रधान अनुराधा नक्षत्र भी है जो कि अमावस्या पर स्नान-दान व देव दर्शन के महत्व को दोगुना कर देता है। इसके अलावा सुकर्मा व अमृत योग का भी संयोग बन रहा है। इस दिन शनि, शिवजी और हनुमान जी की पूजा करें तो कर्ज से मुक्ति, सेहत लाभ और न्याय के क्षेत्र में विजय मिल सकती है।

ग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं
इस दिन स्नान-दान व देव दर्शन का विशेष महत्व है। इसी दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी पड़ रहा है जिसके चलते लोग पसोपेश में है कि इस दिन मंदिरों में पूजा-दर्शन और अन्य शुभ काम किए जा सकेंगे कि नहीं। लेकिन ये सूर्य ग्रहण भारत में नहीं होने से इसका धार्मिक महत्व भी नहीं रहेगा। इस सूर्य ग्रहण का सूतक मान्य नहीं होगा। इसलिए मठ-मंदिरों के पट आम दिनों की तरह ही खुले रहेंगे। भक्तों के स्नान-दान या देव दर्शन में किसी तरह की अड़चन नहीं आएगी।

ज्योतिषीय उपायों के बारे में ये भी पढ़ें

Shanishchari Amavasya 2021: 4 दिसंबर को करें ये काम, दूर होंगे पितृ और शनि दोष के अशुभ प्रभाव


Shanishchari Amavasya 2021: शनिश्चरी अमावस्या 4 दिसंबर को, इस दिन करें राशि अनुसार उपाय, दूर होंगी परेशानियां

शुद्ध जल में तुलसी के पत्ते डालकर करें ये आसान उपाय, दूर हो सकती हैं आपकी परेशानियां

मंगल और कालसर्प दोष के कारण आती हैं जीवन में परेशानियां, जानिए ये कब बनते हैं और उपाय

ये 9 ग्रह डालते हैं हमारे जीवन पर प्रभाव, इनके अशुभ फल से बचने के लिए ये उपाय करें

 

PREV

Aaj Ka Rashifal, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा—यहां सबसे सटीक जानकारी पढ़ें। इसके साथ ही विस्तृत Rashifal in Hindi में जीवन, करियर, स्वास्थ्य, धन और रिश्तों से जुड़े रोज़ाना के ज्योतिषीय सुझाव पाएं। भविष्य को बेहतर समझने के लिए Tarot Card Reading के insights और जीवन पथ, भाग्यांक एवं व्यक्तित्व को समझने हेतु Numerology in Hindi गाइड भी पढ़ें। सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए भरोसा करें — Asianet News Hindi पर उपलब्ध विशेषज्ञ ज्योतिष कंटेंट पर।

Recommended Stories

12 जनवरी का राशिफल, शुक्र के राशि बदलने से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत
Weekly Tarot Horoscope: इस सप्ताह 5 राशि वालों को मिलेगी गुड न्यूज