
सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा था कि एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। इन पोस्ट्स के फैलते ही यात्रियों में चिंता बढ़ गई। कई यूजर्स ने यह भी दावा किया कि ये कैंसिलेशन ईंधन की कमी के कारण हुए हैं। अब एयरलाइन ने इस पर साफ-साफ अपनी बात रखी है। उसने इन रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए कहा है कि ये दावे झूठे हैं।
एयर इंडिया ने साफ किया है कि उसने अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय सेवाएं रद्द नहीं की हैं। अपने आधिकारिक X हैंडल पर शेयर किए गए एक मैसेज में, एयरलाइन ने इन वायरल रिपोर्ट्स को "शरारतपूर्ण और मनगढ़ंत" बताया। कंपनी ने साफ कहा कि जुलाई तक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर कोई पूरी तरह से रोक नहीं लगाई गई है। उसने यात्रियों से अपील की कि वे सही और अपडेटेड जानकारी के लिए केवल आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें। एयरलाइन का यह बयान झूठी खबरों को फैलने से रोकने और यात्रियों के बीच भ्रम को कम करने के लिए था।
ऐसा लगता है कि यह गलतफहमी एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुई, जिसमें दावा किया गया था कि ईंधन की कमी के कारण सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। यह मैसेज खूब शेयर किया गया, जिससे चिंता और बढ़ गई।
इसी बीच, हाल के हफ्तों में ऐसी खबरें भी आई हैं कि एयर इंडिया ने कुछ अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों को कम या एडजस्ट किया है। इन बदलावों ने भी शायद भ्रम को बढ़ाया होगा। हालांकि, एयरलाइन ने समझाया कि कुछ रूट्स पर कटौती करना और सभी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को रद्द करना, दोनों अलग-अलग बातें हैं। ये एडजस्टमेंट चुनिंदा और अस्थायी हैं। इनका असर केवल कुछ रूट्स और उड़ानों की फ्रीक्वेंसी पर पड़ा है, पूरे ग्लोबल नेटवर्क पर नहीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर इंडिया कई चुनौतियों के कारण अपने अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस के कुछ हिस्सों में कटौती कर रही है। इनमें शामिल हैं…
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि अप्रैल और मई के दौरान 500 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें कम की गईं। इसके अलावा, 1,000 से ज्यादा डेली ऑपरेशंस में से लगभग 100 उड़ानों में अस्थायी कटौती या रीशेड्यूलिंग होने की उम्मीद है। ये बदलाव ऑपरेशनल एडजस्टमेंट का हिस्सा हैं, न कि पूरी तरह से बंदी का।
इन शेड्यूल बदलावों के बावजूद, एयर इंडिया यूरोप, उत्तरी अमेरिका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख डेस्टिनेशंस के लिए उड़ानें ऑपरेट कर रही है। हालांकि, यात्रियों को कुछ बदलाव दिख सकते हैं, जैसे।।
एयरलाइन ने यह साफ कर दिया है कि वह ग्लोबल मार्केट में एक्टिव है। नेटवर्क काम कर रहा है, भले ही कुछ कैपेसिटी एडजस्टमेंट के साथ।
अलग से बात करें तो, तेल अवीव-दिल्ली जैसे कुछ रूट्स पर उड़ानें जून के अंत तक सस्पेंड हैं। यह निलंबन उस क्षेत्र में चल रहे तनाव से जुड़ा है। यह एक खास रूट का फैसला है और इसका सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के कैंसिलेशन से कोई लेना-देना नहीं है।
एयर इंडिया ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे फ्लाइट का स्टेटस उसकी आधिकारिक वेबसाइट और वेरिफाइड चैनलों से ही चेक करें। एयरलाइन ने जोर देकर कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट में कभी-कभी बिना जांची-परखी या गलत जानकारी हो सकती है। ऐसे समय में जब ईंधन की लागत, वैश्विक घटनाओं और ऑपरेशनल जरूरतों के कारण एयरलाइन शेड्यूल बदल सकते हैं, यात्रियों को सीधे एयरलाइन से ही जानकारी कन्फर्म करने की सलाह दी जाती है। सबसे अहम बात यह है कि एयर इंडिया ने सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द नहीं की हैं। वह दुनिया भर में अपनी सेवाएं जारी रखे हुए है, बस जहां जरूरत है वहां चुनिंदा और अस्थायी बदलाव कर रही है।