
Juicy Fish Tips: मछली एक ऐसी डिश है जो सही तरीके से पकाई जाए तो बेहद सॉफ्ट, जूसी और स्वादिष्ट बनती है। लेकिन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से इसका टेक्सचर खराब हो सकता है और यह रबड़ जैसी सख्त लगने लगती है। अगर आप भी घर पर फिश बनाते हैं, तो इन आम गलतियों से बचना जरूरी है ताकि हर बार परफेक्ट रिजल्ट मिल सके।
मछली को लंबे समय तक पकाना सबसे बड़ी गलती मानी जाती है। फिश का मांस काफी नाजुक होता है और ज्यादा गर्मी मिलने पर इसकी नमी खत्म होने लगती है। नतीजा यह होता है कि मछली सॉफ्ट रहने की बजाय सख्त और चबाने में मुश्किल हो जाती है। इसलिए तय समय के अनुसार ही इसे पकाएं।
कई लोग मछली को फ्रिज से निकालते ही कढ़ाई या पैन में डाल देते हैं। बहुत ठंडी फिश को तुरंत पकाने से यह अंदर से ठीक तरह नहीं पकती और टेक्सचर भी प्रभावित होता है। बेहतर होगा कि इसे 15-20 मिनट कमरे के तापमान पर रखने के बाद ही पकाया जाए।
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मैरिनेशन केवल स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं होता, बल्कि यह मछली को मुलायम बनाए रखने में भी मदद करता है। मसाले, नींबू और दही जैसी चीजें फिश के अंदर तक फ्लेवर पहुंचाती हैं। बिना मैरिनेट की गई मछली अक्सर फीकी और अपेक्षाकृत सूखी महसूस हो सकती है।
बहुत तेज आंच पर मछली जल्दी जल सकती है, जबकि बहुत धीमी आंच पर यह जरूरत से ज्यादा पक जाती है। दोनों ही स्थितियों में फिश का टेक्सचर खराब हो सकता है। मीडियम आंच पर पकाने से मछली समान रूप से पकती है और उसकी नमी भी बनी रहती है।
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फिश को बार-बार पलटने से इसके टुकड़े टूट सकते हैं और प्राकृतिक रस बाहर निकल सकता है। इससे मछली सूखी और कम स्वादिष्ट लगती है। एक तरफ अच्छी तरह पकने के बाद ही इसे सावधानी से पलटें ताकि इसकी बनावट और स्वाद दोनों बने रहें।
फिश का स्वाद और टेक्सचर उसकी ताजगी पर काफी हद तक निर्भर करता है। अगर मछली ताजी नहीं है, तो पकाने के बाद भी उसका स्वाद और मुलायमपन वैसा नहीं मिलेगा जैसा होना चाहिए। इसलिए खरीदते समय उसकी गंध, रंग और बनावट पर जरूर ध्यान दें।