
आजकल मिलावट का बाजार इतना गर्म है कि कोई भी चीज इससे बची नहीं है। खासकर महंगी चीजों की नकल करके बेचने वाला एक बड़ा गैंग ही काम कर रहा है। हाल ही में, तिरुपति तिरुमाला मंदिर में भी नकली घी का मामला सामने आया था, जिसने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। घी और तेल में जितनी मिलावट होती है, उतनी शायद ही किसी और चीज में होती हो। यह मिलावट कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों की वजह भी बन सकती है। ज्यादातर भारतीय घरों में खाना बनाने, स्वाद और सेहत के लिए घी पर भरोसा किया जाता है, लेकिन बाजार में बिकने वाला हर घी शुद्ध नहीं होता। कुछ प्रोडक्ट्स में वनस्पति या हाइड्रोजनेटेड फैट मिलाया जाता है, जिससे घी की क्वालिटी और आपकी सेहत, दोनों पर बुरा असर पड़ता है।
लोगों को जागरूक करने के लिए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने घर पर ही घी की शुद्धता जांचने का एक आसान तरीका बताया है। इससे आप पता लगा सकते हैं कि आपका घी असली है या मिलावटी।
असली घी अपने पोषक तत्वों, बेहतरीन स्वाद और भारतीय खाने में पारंपरिक महत्व के लिए जाना जाता है। लेकिन, मिलावटी घी में वनस्पति या दूसरे घटिया फैट हो सकते हैं, जो:पोषक तत्वों को कम करते हैं। पाचन पर बुरा असर डालते हैं। लंबे समय में सेहत के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। आप घर पर ही यह आसान टेस्ट कर सकते हैं।
1 मिलीलीटर पिघला हुआ घी 1 मिलीलीटर कॉन्सेंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCl) आधा चम्मच चीनी एक टेस्ट ट्यूब या कांच की छोटी शीशी
एक टेस्ट ट्यूब में 1 मिलीलीटर पिघला हुआ घी लें। इसमें 1 मिलीलीटर कॉन्सेंट्रेटेड हाइड्रोक्लोरिक एसिड डालें। अब इसमें आधा चम्मच चीनी मिलाएं। इस मिक्सचर को करीब 2 मिनट तक जोर-जोर से हिलाएं। इसके बाद मिक्सचर को थोड़ी देर के लिए छोड़ दें ताकि परतें अलग हो जाएं।
असली घी: रंग में कोई बदलाव नहीं होगा। मिलावटी घी (वनस्पति या हाइड्रोजनेटेड फैट वाला): एसिड की निचली परत का रंग चटक लाल या गुलाबी हो जाएगा। रंग का यह बदलाव मिलावट का साफ संकेत है।
इस टेस्ट के पीछे का रिएक्शन काफी दिलचस्प है और बेसिक केमिस्ट्री पर आधारित है…
हाइड्रोक्लोरिक एसिड चीनी को ग्लूकोज और फ्रुक्टोज में तोड़ देता है। जब ये शुगर डिहाइड्रेट होते हैं, तो 'फरफ्यूरल' नाम का कंपाउंड बनाते हैं। फरफ्यूरल, वनस्पति या तिल के तेल में मौजूद कुछ चीजों के साथ रिएक्ट करता है। इसी रिएक्शन से लाल या गुलाबी रंग बनता है, जो मिलावट को दिखाता है। असली घी में ये कंपाउंड नहीं होते, इसलिए रंग नहीं बदलता।
घर पर टेस्ट करने के अलावा, घी खरीदते समय आप कुछ और सावधानियां भी बरत सकते हैं: भरोसेमंद और सर्टिफाइड ब्रांड से ही खरीदें। पैकेट पर क्वालिटी मार्क और सही लेबलिंग जरूर देखें। बहुत ज्यादा सस्ते प्रोडक्ट्स से बचें। असली घी में एक खास महक और दानेदार बनावट होती है, उसे पहचानें।