
Noni Saag Benefits: जितिया व्रत या जीवित्पुत्रिका व्रत महिलाएं अपने पुत्र की लंबी आयु और स्वस्थ शरीर के लिए रखती हैं। बिहार, झारखंड, यूपी में इसका काफी धार्मिक महत्व है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। व्रत रखने से पहले नहाय-खाय होता है। इस साल जितिया व्रत का नहाय-खाय 13 सितंबर को है। वहीं, जितिया व्रत 14 सितंबर, रविवार को रखा जाएगा।
इस व्रत के लिए घरों में नोनी का साग जरूर बनाया जाता है। नोनी का साग और मडुआ की रोटी खाने का काफी महत्व है। कई जगहों पर महिलाएं नोनी का साग खाकर व्रत खोलती हैं। यह साग न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट होता है बल्कि इससे कई स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं। आइए जानते हैं इसकी रेसिपी और कितना फायदेमंद है नोनी का साग।
नोनी साग को बहुत पवित्र माना जाता है। जितिया व्रत में इस साग को खाने की एक खास परंपरा है। नोनी साग में भरपूर पोषण होता है जो लंबे समय तक व्रत रखने में मदद करता है। यह पचने में भी बहुत आसान होता है। अक्सर उपवास के दौरान लंबे समय तक भूखे रहने से कब्ज जैसी समस्याएं हो जाती हैं और यह इसे दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा, इसके कई आयुर्वेदिक महत्व भी हैं, इसलिए उपवास के दौरान इसका सेवन ज़रूरी है।
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नोनी साग बनाने के लिए हमें बारीक कटा हुआ नोनी साग, भीगी हुई चना दाल, टमाटर, हरी मिर्च और ताज़ा हरा धनिया चाहिए। तड़के के लिए हम सरसों के तेल का इस्तेमाल करेंगे। साथ ही, सेंधा नमक, हल्दी, काली मिर्च पाउडर, सूखी लाल मिर्च, जीरा, मेथी दाना आदि भी ले लें।
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