
Paneer 65 History: रेस्टोरेंट या होटल में जाकर आपने भी कई बार पनीर 65 ऑर्डर किया होगा या मेन्यू बुक में इसका नाम देखा होगा। ये भारत के सबसे फेमस स्टार्टर और स्नैक्स में से एक माना जाता है। इसका स्पाइसी, क्रिस्पी और मसालेदार स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है। लेकिन जब भी लोग इसका नाम सुनते हैं, तो उनके मन में एक सवाल जरूर आता है कि आखिर इसे “65” क्यों कहा जाता है? आइए जानते हैं इसके पीछे की मजेदार और दिलचस्प कहानी।
पनीर 65 के नाम को लेकर कई कहानियां मशहूर हैं। सबसे लोकप्रिय कहानी के अनुसार, ये डिश चिकन 65 से इंस्पायर्ड है। माना जाता है कि साल 1965 में चेन्नई के फेमस Buhari Hotel में “चिकन 65” पहली बार सर्व किया गया था। कहा जाता है कि इसी साल के आधार पर इसका नाम “चिकन 65” रखा गया। धीरे-धीरे ये डिश पूरे भारत में लोकप्रिय हो गई। बाद में इसी स्टाइल में पनीर, गोभी और दूसरी चीजों के वर्जन भी बनने लगे, जिनमें सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला नाम “पनीर 65” बन गया।
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कुछ लोगों का मानना है कि पनीर 65 में 65 तरह के मसाले डाले जाते हैं, इसलिए इसका नाम “पनीर 65” पड़ा। हालांकि, इस बात का कोई पक्का प्रमाण नहीं है। वहीं, एक और कहानी ये भी कहती है कि पहले इसे बनाने के लिए 65 छोटे टुकड़ों का इस्तेमाल किया जाता था। कई लोग ये भी मानते हैं कि सेना के जवानों के लिए बनाई गई इस डिश का मेन्यू नंबर 65 था, इसलिए इसका नाम “चिकन 65” और बाद में “पनीर 65” पड़ गया।
पनीर 65 की सबसे बड़ी खासियत इसकी क्रिस्पी कोटिंग और मसालेदार फ्लेवर है। इसे बनाने के लिए पनीर के टुकड़ों को दही, लाल मिर्च, अदरक लहसुन पेस्ट, कॉर्न फ्लोर और कई मसालों में मेरिनेट किया जाता है। इसके बाद इन्हें डीप फ्राई करके ऊपर से करी पत्ता, हरी मिर्च और सॉस के साथ टॉस किया जाता है। यही वजह है कि इसका स्वाद बेहद चटपटा और रेस्टोरेंट स्टाइल लगता है। आज पनीर 65 सिर्फ साउथ इंडियन रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत में पार्टी स्नैक और स्टार्टर के रूप में फेमस हो चुका है।