
फूड डेस्क: क्या आपको भी बुरे सपने आते हैं? यदि हां, तो आप जानकर चौंक जाएंगे कि इसके पीछे का कारण आपका खाना है। जी हां, शोध के अनुसार सोने से पहले आप जो खाते हैं, वह आपकी नींद की गुणवत्ता और आपके सपनों को प्रभावित करता है। इसीलिए आप क्या खाते हैं ये बहुत ही सोच समझकर चुनें। हम आपके लिए खास स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात करके एक फूड लिस्ट लाए हैं। जिनका आप सेवन कर सकते हैं। आपको कौन से खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ खाने चाहिए ताकि दुःस्वप्न की संभावना को कम कर बचा जा सके। यहां जानें स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सबसे अच्छी सलाह।
बुरे सपनों से बचने के लिए 3 फूड करें डाइट में शामिल
1. जायफल के साथ दूध
जायफल के साथ दूध एक शानदार पेय है जो शरीर को आराम देने और नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करता है। खराब नींद की गुणवत्ता सपने देखने से जुड़ी REM स्लीप को प्रभावित कर सकती है। बेहतर नींद के लिए गर्म दूध में 1 चम्मच कसा हुआ जायफल मिलाएं। जायफल में मिरिस्टिकिन नामक एक यौगिक होता है। जायफल में थोड़ी मात्रा में मेलाटोनिन भी होता है, एक हार्मोन जो नींद को नियंत्रित करने में मदद करता है। सर्केडियन रिदम का पालन करने में यह मदद करता है। सोने के रूटीन में सोने से तीन घंटे पहले नीली रोशनी और गैजेट्स से परहेज करें। कमरे को ठंडा बनाए रखने से नींद की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलती है और इससे बुरे सपने भी नहीं आते हैं।
2. केला
केला एक बेहतरीन बेड टाइम स्नैक है जो कई कारणों से अच्छी गुणवत्ता वाली नींद का समर्थन करता है। दुःस्वप्न अक्सर बढ़ते तनाव, चिंता और एक न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन से जुड़े होते हैं। बिस्तर पर जाने से पहले केला खाए। यह विटामिन बी 6 से भरपूर होता है और मस्तिष्क में सेरोटोनिन, मेलाटोनिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। इसका परिणाम मन की अधिक शांत स्थिति, बेहतर नींद और कम दुःस्वप्न होता है। केले पोटेशियम, मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन का एक अच्छा स्रोत हैं। ये पोषक तत्व शरीर को आराम देने और आपकी नींद और सपनों की गुणवत्ता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
3. ऑयली फिश
ऑयली फिश में प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन डी होता है, जो बेहतर मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। मनोदशा में सुधार और तनाव के स्तर को कम करने से आपके सपनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सैल्मन और मैकेरल जैसी तैलीय मछली में विटामिन डी में हाई होता है। विटामिन डी की कमी से अवसाद और चिंता सहित विभिन्न मानसिक स्वास्थ्य स्थितियों के बढ़ते जोखिम खत्म होते हैं। ये मनोवैज्ञानिक कारक कभी-कभी दुःस्वप्न की घटना में योगदान दे सकते हैं। विटामिन डी से दुःस्वप्न की आवृत्ति और तीव्रता को कम किया जा सकता है।
दुःस्वप्न से बचने के लिए ना खाएं ऐसे फूड
आपको बता दें कि दुःस्वप्न होने की संभावना को कम करने के लिए सोने से कुछ घंटे पहले कैफीन, शराब, भारी मसालेदार भोजन और ज्यादा चीनी वाले फूड का सेवन करने से बचने की सलाह दी जाती है।
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